, March 31 -- नागपुर, 30 मार्च (वार्चा) बॉम्बे उच्च न्यायालय की नागपुर बेंच ने सोमवार को महात्मा गांधी के लिए दिए गए विवादास्पद बयान के संबंध में पुलिस को पत्रकार पुष्पेंद्र कुलश्रेष्ठ के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया।

यह मामला नागपुर में हाल ही में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान की गई टिप्पणियों से संबंधित है, जहां पुष्पेंद्र कुलश्रेष्ठ ने एक हिंदू सम्मेलन में महात्मा गांधी के बारे में आपत्तिजनक टिप्पणी की थी।

याचिका के अनुसार, कुलश्रेष्ठ ने कहा कि "राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने 'ईश्वर तेरो नाम' गीत चुराया था इसलिए वे इस देश के राष्ट्रपिता नहीं हो सकते।"यह भी कहा गया है कि उन्होंने गांधी जी के बारे में अन्य आपत्तिजनक टिप्पणियां भी कीं। इसके बाद कानूनी कार्रवाई की मांग करते हुए एक याचिका दायर की गई।

कांग्रेस ने इस बयान की कड़ी निंदा की और संबंधित व्यक्ति के खिलाफ मामला दर्ज करने की मांग की थी।

मामले का संज्ञान लेते हुए, न्यायमूर्ति अनिल पानसरे और न्यायमूर्ति निवेदिता मेहता की पीठ ने महाराष्ट्र गृह विभाग, नागपुर पुलिस आयुक्त पुष्पेंद्र कुलश्रेष्ठ और कार्यक्रम आयोजक निशांत गांधी को नोटिस जारी कर उन्हें अपना जवाब प्रस्तुत करने का निर्देश दिया।

सुनवाई के दौरान, अदालत ने सवाल उठाया कि पुलिस ने अब तक कोई कार्रवाई क्यों नहीं की है। अदालत ने कहा कि शिकायत में राजनीतिक मकसद हो या न हो, कार्रवाई करना पुलिस का दायित्व है।

अदालत ने निर्देश दिया कि भाषण की ऑडियो रिकॉर्डिंग सहित उपलब्ध साक्ष्य पुलिस के साथ-साथ अदालत को भी प्रस्तुत किए जाएं।

यह विवाद तब शुरू हुआ जब कुलश्रेष्ठ ने कथित रूप से महात्मा गांधी के बारे में अपमानजनक टिप्पणी की और उन्हें "राष्ट्रपिता" कहे जाने पर सवाल उठाया, जिससे राजनीतिक एवं सामाजिक स्तर पर तीखी प्रतिक्रिया हुई। सुनवाई के दौरान, कई कांग्रेस नेता विरोध के प्रतीक के रूप में गांधी टोपी पहनकर अदालत में उपस्थित थे।

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