मोतिहारी, फरवरी 19 -- बिहार के पूर्वी चंपारण जिले में स्थित महात्मा गांधी केंद्रीय विश्वविद्यालय के तृतीय दीक्षांत समारोह में भारत के उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत करेंगे।

मोतिहारी के महात्मा गांधी प्रेक्षागृह में 04 अप्रैल 2026 को आयोजित होने वाला यह आयोजन न केवल क्षेत्रीय शैक्षणिक उपलब्धि का प्रतीक है, बल्कि यह गांधीवादी दर्शन और आधुनिक नवाचार के संगम को अंतरराष्ट्रीय पटल पर प्रस्तुत करने की विश्वविद्यालय की प्रतिबद्धता को भी दर्शाता है। इस ऐतिहासिक अवसर पर सांसद एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री राधा मोहन सिंह विशिष्ट अतिथि के रूप में समारोह में शिरकत करेंगे।

विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. संजय श्रीवास्तव ने इस आयोजन को वैश्विक मानकों के अनुरूप बताते हुए संवाद एजेंसी "यूनीवार्ता" से कहा कि "यह दीक्षांत समारोह केवल एक औपचारिक उपाधि वितरण नहीं, बल्कि हमारे विद्यार्थियों के शैक्षणिक अनुशासन और शोध उत्कृष्टता का वैश्विक उत्सव है। उन्होंने कहा कि उपराष्ट्रपति की उपस्थिति हमारे संस्थान की 'ज्ञान के माध्यम से राष्ट्रनिर्माण' की यात्रा को नई अंतरराष्ट्रीय ऊंचाई प्रदान करेगी।

कुलपति ने कहा कि "महात्मा गांधी की विरासत को संजोए यह विश्वविद्यालय आज दक्षिण एशिया के उभरते हुए शैक्षिक केंद्रों में से एक है। यह समारोह न केवल विद्यार्थियों के संकल्प का प्रतीक होगा, बल्कि यह 'विकसित भारत' के विजन में शिक्षा की भूमिका को भी रेखांकित करेगा।"समग्र समन्वय समिति के अध्यक्ष प्रो. प्रसून दत्त सिंह ने आश्वासन दिया कि आयोजन की व्यवस्थाएं राष्ट्रीय प्रोटोकॉल और अनुशासन के उच्चतम स्तर को ध्यान में रखकर की जा रही हैं।

प्रो. सिंह ने "यूनीवार्ता" को बताया कि अल्प अवधि में ही इस विश्वविद्यालय ने उच्च स्तरीय दीक्षांत समारोहों की एक अनूठी परंपरा स्थापित की है। उन्होंने कहा कि प्रथम दीक्षांत समारोह में भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु की ऐतिहासिक उपस्थिति ने चंपारण की धरती को राष्ट्रीय गौरव प्रदान किया था। वहीं द्वितीय दीक्षांत समारोह में भारत के तत्कालीन उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ मुख्य अतिथि रहे, जिससे विश्वविद्यालय को देशव्यापी पहचान मिली। अब तृतीय दीक्षांत समारोह इस गौरवशाली परंपरा का एक और स्वर्णिम अध्याय बनाने जा रहा है। समारोह में विभिन्न संकायों के सफल विद्यार्थियों को उपाधियाँ प्रदान की जाएंगी, जो शिक्षा, सेवा और राष्ट्रनिर्माण के प्रति उनके संकल्प का प्रतीक होंगी।

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