मंगलुरु , फरवरी 03 -- पूर्व सांसद एवं भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) कर्नाटक प्रदेश के पूर्व अध्यक्ष नलिन कुमार कटील ने मंगलवार को कांग्रेस पर आरोप लगाया कि पार्टी ने महात्मा गांधी की विचारधारा को नाथूराम गोडसे से भी ज़्यादा खत्म कर दिया है।
श्री कटील ने यहां भाजपा कार्यालय में संवाददाताओं को संबोधित करते हुए केंद्रीय बजट और केंद्र की ओर से राज्य को राशि आवंटन से लेकर वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम का नाम बदलने और राज्य कानूनों को मंजूरी देने में राज्यपालों की भूमिका जैसे मुद्दों पर बात की।
वाइब्रेंट विलेज योजना का नाम बदलकर वाइब्रेंट विलेज-राम करने का बचाव करते हुए उन्होंने विपक्ष के इस दावे को खारिज कर दिया कि यह कदम राजनीतिक मकसद से उठाया गया है। उन्होंने कहा कि यह बदलाव महात्मा गांधी की मान्यताओं के अनुरूप है, और गांधी के जीवन भर राम का आह्वान करने और भारत के विकास के लिए मार्गदर्शक सिद्धांतों के रूप में राम राज्य और ग्राम स्वराज की उनकी दृष्टि का हवाला दिया।
उन्होंने कहा, "राम गांधी की सांस, जीवन और आत्मा थे। इस संदर्भ में राम के नाम पर ग्रामीण विकास योजना का नाम रखना पूरी तरह से सही है।" उन्होंने कांग्रेस पर सिर्फ़ राजनीतिक कारणों से नाम बदलने का विरोध करने का आरोप लगाया। उन्होंने मनरेगा सहित पिछली ग्रामीण विकास योजनाओं में बड़े पैमाने पर राशि के दुरुपयोग का भी आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि आंध्र प्रदेश, पश्चिम बंगाल और तेलंगाना जैसे राज्यों में लगभग 27,000 करोड़ रुपये का दुरुपयोग किया गया है। उन्होंने तर्क दिया कि सुधारों का मकसद कमियों को दूर करना और यह सुनिश्चित करना है कि लाभ सही लाभार्थियों तक पहुंचे।
भाजपा नेता ने कांग्रेस पर ब्रिटिश-शैली के शासन मॉडल को अपनाकर और जाति-आधारित राजनीति को बढ़ावा देकर गांधीवादी मूल्यों को छोड़ने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, "जाति की राजनीति और सत्ता-केंद्रित शासन में लिप्त होकर, कांग्रेस ने लगातार गांधीवादी विचारों की हत्या की है।" उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ग्रामीण बुनियादी ढांचे और कल्याण कार्यक्रमों के माध्यम से ग्राम स्वराज को आगे बढ़ाया है।
नफरती भाषण को लेकर प्रस्तावित विधेयका पर राज्यपाल की आपत्तियों पर उन्होंने कहा कि राज्यपाल संवैधानिक रूप से राज्य सरकार के हर विधेयक को मंज़ूरी देने के लिए बाध्य नहीं हैं और चेतावनी दी कि ऐसे कानून का दुरुपयोग राजनीतिक विरोधियों और पत्रकारों के खिलाफ किया जा सकता है।
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