रायपुर , मार्च 26 -- ) चैत्र नवरात्रि के महाअष्टमी पर्व पर छत्तीसगढ़ के रायपुर में धार्मिक आस्था का विशेष उत्साह देखने को मिला। देवी मंदिरों में सुबह से ही श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगी रहीं और पूरे शहर में भक्तिमय वातावरण बना रहा।

अष्टमी के अवसर पर श्रद्धालुओं ने मां दुर्गा के महागौरी स्वरूप की पूजा-अर्चना की। विभिन्न मंदिरों में हवन, पूजन और आरती जैसे धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। मंदिर परिसर "जय माता दी" के जयकारों से गूंज उठे।

रावांभाठा स्थित प्रसिद्ध बंजारी माता मंदिर में भी भक्तों का सैलाब उमड़ पड़ा। सुबह से ही यहां दर्शन के लिए लंबी कतारें देखने को मिलीं। श्रद्धालु माता के चरणों में मत्था टेककर सुख-समृद्धि और परिवार की खुशहाली की कामना कर रहे हैं।

स्थानीय मान्यता के अनुसार इस मंदिर का संबंध बंजारा समाज से जुड़ा हुआ है। कहा जाता है कि यहां स्थापित देवी प्रतिमा प्राचीन काल में समीपस्थ वन क्षेत्र से प्राप्त हुई थी और इसे विशेष शक्तियों का प्रतीक माना जाता है।

मंदिर से जुड़ी एक रोचक मान्यता भी प्रचलित है, जिसके अनुसार यहां समय-समय पर नाग-नागिन के जोड़े देखे जाते हैं। पुजारियों का कहना है कि वर्षों से इस तरह की घटनाएं श्रद्धालुओं के बीच आस्था का विषय बनी हुई हैं।

महाअष्टमी के इस पावन अवसर पर सुरक्षा और व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन की ओर से भी विशेष इंतजाम किए गए हैं, ताकि श्रद्धालु सुगमता से दर्शन कर सकें।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित