श्रीनगर , दिसंबर 18 -- पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) की अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने पुलवामा ज़िले में सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) को ज़मीन देने के प्रस्ताव पर आपत्ति जताते हुए गुरुवार को कहा कि सुरक्षा कैंप आबादी वाले गांवों के बीच में नहीं बनाये जाने चाहिये।
सुश्री मुफ्ती ने जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला से दखल देने की अपील करते हुए कहा कि पुछल गांव में प्रस्तावित कैंप के लिये पहचानी गयी ज़मीन पर सेब और बादाम के बागान हैं। यह बाढ़ के दौरान निवासियों के लिए एक सुरक्षित जगह भी है।
उन्होंने यहां पत्रकारों से कहा, "ऐसी स्थिति में, गांव के ठीक बीच में इतनी उपजाऊ ज़मीन बीएसएफ को सौंपना सही नहीं है। सुरक्षा बलों को गांवों के अंदर तैनात नहीं किया जाना चाहिए।"उन्होंने कहा कि यह ज़मीन एक सदी से ज़्यादा समय से स्थानीय निवासियों के कब्ज़े में है और बागवानी पर निर्भर लाेगों की आजीविका का सहारा है, खासकर ऐसे समय में जब बेरोज़गारी बढ़ रही है। उन्होंने पीडीपी द्वारा हाल ही में ऐसी ज़मीन की सुरक्षा के लिये पेश किये गये एक विधेयक का ज़िक्र करते हुए कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि मुख्यमंत्री ने इसे "ज़मीन हड़पने वालों" की रक्षा करने वाला कदम बताया।
उन्होंने कहा, "मुझे नहीं लगता कि कश्मीरी या जम्मू के लोग ज़मीन चोर हैं। यह ज़मीन उनका अधिकार है। आबादी बढ़ने के साथ लोग कहां जाएंगे।"उन्होंने सुरक्षा बलों को ज़मीन देने की ज़रूरत को स्वीकार करते हुए कहा कि कैंप बंजर ज़मीन पर बनाए जाने चाहिये, न कि फलदार बागों पर। उन्होंने आगे कहा कि वह इस मुद्दे को रक्षा मंत्री के सामने भी उठाएंगी, लेकिन इस बात पर ज़ोर दिया कि लोगों के अधिकारों की रक्षा करना और उनकी ज़मीन की सुरक्षा करना आखिरकार मुख्यमंत्री की ज़िम्मेदारी है।
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