एमसीबी, मार्च 19 -- छत्तीसगढ़ सरकार की महत्वाकांक्षी महतारी वंदन योजना ग्रामीण महिलाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव की नई कहानी लिख रही है। यह योजना अब केवल आर्थिक सहायता तक सीमित नहीं रह गई है बल्कि महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने का सशक्त माध्यम बनती जा रही है। इसी का प्रेरक उदाहरण हैं विकासखंड भरतपुर के ग्राम चांटी की निवासी सविता सिंह, जिन्होंने इस योजना का लाभ लेकर अपने जीवन की दिशा बदल दी।

जिला जन संपर्क अधिकारी ने गुरुवार को बताया कि सविता सिंह को महतारी वंदन योजना के तहत प्रतिमाह 1000 रुपये की सहायता राशि प्राप्त होती है। उन्होंने इस राशि को खर्च करने के बजाय समझदारी से बचत करना शुरू किया और अपनी ओर से कुछ राशि जोड़कर एक सिलाई मशीन खरीदी। सीमित संसाधनों में लिया गया यह छोटा सा निर्णय उनके जीवन का महत्वपूर्ण मोड़ साबित हुआ।

सिलाई मशीन मिलने के बाद सविता सिंह ने सिलाई कार्य की शुरुआत की। धीरे-धीरे उन्होंने अपने हुनर को निखारा और आज वे गांव में कपड़ों की सिलाई कर नियमित आय अर्जित कर रही हैं। यह कार्य न केवल उनकी आमदनी का स्रोत बना, बल्कि उनके आत्मविश्वास को भी नई मजबूती प्रदान कर रहा है।

आज सविता सिंह अपनी आय से परिवार की जरूरतों को पूरा करने में सक्रिय भूमिका निभा रही हैं। वे महतारी वंदन योजना से मिलने वाली राशि का उपयोग अपने बच्चों की पढ़ाई-लिखाई में कर रही हैं, जिससे उनके भविष्य को संवारने की दिशा में मजबूत आधार तैयार हो रहा है। सविता की इस सफलता ने गांव की अन्य महिलाओं को भी प्रेरित किया है। अब वे भी योजना का लाभ लेकर छोटे-छोटे व्यवसाय शुरू करने की दिशा में आगे बढ़ रही हैं। ग्रामीणों का मानना है कि सविता सिंह की मेहनत और लगन क्षेत्र में महिला सशक्तिकरण का एक सशक्त उदाहरण है।

सविता ने इस पहल के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि महतारी वंदन योजना महिलाओं के लिए आत्मनिर्भरता की नई राह खोल रही है।

यह कहानी का सार यही है कि यदि सही दिशा, थोड़ी सी आर्थिक सहायता और दृढ़ इच्छाशक्ति का साथ मिले, तो कोई भी महिला अपने जीवन को नई ऊंचाइयों तक पहुंचा सकती है।

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