रायपुर , जनवरी 30 -- छत्तीसगढ़ में पुलिस भर्ती प्रक्रिया को लेकर उठे विवाद के बीच कांग्रेस ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार पर युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ का आरोप लगाते हुए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई किए जाने की मांग की है।

गौरतलब है कि उच्च न्यायालय ने इन नियुक्तियों पर रोक लगा दी है। छत्तीसगढ़ विधानसभा में सरकार ने सिर्फ दो जिलों राजनांदगांव और बिलासपुर में गड़बड़ी होने की बात कही थी।

विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने दावा किया है कि न्यायालय का फैसला उनके दल के आरोपों को सही साबित करता है। उन्होंने कहा, "यदि भर्ती प्रक्रिया निष्पक्ष थी, तो शारीरिक परीक्षण के सीसीटीवी फुटेज विभाग द्वारा नष्ट क्यों किए गए?" उन्होंने कहा कि पहले राजनांदगांव और बिलासपुर जिलों में गड़बड़ी स्वीकार की गई थी, लेकिन अब न्यायालय ने पूरे प्रदेश की प्रक्रिया में समस्या की ओर इशारा किया है।

डॉ. महंत ने कहा, "सुशासन और शून्य सहिष्णुता का नारा देने वाली सरकार स्वयं युवाओं के भविष्य से खेल रही है। जिन अभ्यर्थियों की आयु इस विलंब से सीमा से बाहर हो जाएगी, उसकी जिम्मेदारी कौन लेगा?"कांग्रेस नेता ने कहा कि विधानसभा के एक सम्पन्न सत्र के दौरान विपक्ष की ओर से एक सवाल किया गया था, यह सवाल साल 2024-2025 में हुई भर्ती परीक्षा को लेकर थी। सरकार की ओर दिए गए जवाब में लिखित तौर पर स्वीकार किया गया था कि दो जिलों राजनांदगांव और बिलासपुर में गड़बड़ी हुई है।

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