दंतेवाड़ा , दिसंबर 04 -- छत्तीसगढ़ के दक्षिण बस्तर के दंतेवाड़ा जिले में मलेरिया मुक्त छत्तीसगढ़ अभियान का 13वां चरण आगामी आठ दिसंबर से शुरू होने जा रहा है।

इसी संदर्भ में गुरुवार को जावंगा ऑडिटोरियम में कलेक्टर कुणाल दुदावत ने गीदम, दंतेवाड़ा, कटेकल्याण और कुआकोंडा ब्लॉकों के मितानिनों, स्वास्थ्य कर्मियों, बीएमओ, आरएचओ, बीसी सखी, सरपंच-सचिवों की मेगा बैठक लेकर विस्तृत दिशा-निर्देश दिए। कलेक्टर ने कहा कि मलेरिया से भावी पीढ़ी को सुरक्षित रखना हम सभी का दायित्व है और इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए शत-प्रतिशत घर-घर सर्वे अनिवार्य रूप से किया जाए।

जिला जनसंपर्क अधिकारी से मिली जानकारी के मुताबिक, जिला प्रशासन का मानना है कि दंतेवाड़ा जिले में अभी भी मलेरिया की स्थिति चिंताजनक है, विशेष रूप से कटेकल्याण और कुआकोंडा ब्लॉक अत्यधिक संवेदनशील श्रेणी में हैं। कटेकल्याण क्षेत्र में विशेष वेरिएंट मिलने के कारण कई मरीजों में प्रारंभिक लक्षण न होने के बाद भी जांच में मलेरिया पॉजिटिव पाए जा रहे हैं, जिससे अन्य लोगों में संक्रमण फैलने का खतरा बढ़ जाता है। इसी कारण आगामी चरण में सर्वे को और अधिक सुदृढ़ रूप से लागू करना आवश्यक है।

अभियान के लिए जिले में 230 चिकित्सा टीमों का गठन किया गया है, जो घर-घर पहुंचकर प्रत्येक व्यक्ति की जांच सुनिश्चित करेंगी। इनके साथ रूरल हेल्थ ऑर्गनाइजर (आरएचओ) और सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी भी तैनात रहेंगे। सर्वे किए गए घरों पर स्टिकर लगाए जाएंगे तथा पॉजिटिव-नेगेटिव व्यक्तियों का अलग चिह्नांकन किया जाएगा। जिला स्तरीय नियंत्रण कक्ष भी स्थापित किया गया है, जहां से पूरी प्रक्रिया की मॉनिटरिंग की जाएगी।

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