चंडीगढ़ , अप्रैल 25 -- वर्ल्ड मलेरिया डे के अवसर पर हरियाणा ने मलेरिया उन्मूलन की दिशा में लक्षित माइक्रो प्लानिंग और जन भागीदारी को तेज किया है। स्वास्थ्य विभाग ने गांव और शहरी स्तर पर सघन निगरानी, जल्दी पहचान और तत्काल उपचार पर फोकस बढ़ाया है।
अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ सुमिता मिश्रा ने शनिवार को कहा कि जिन क्षेत्रों में पहले मलेरिया के मामले सामने आए थे, वहां विशेष अभियान चलाकर घर-घर सर्वे किए जा रहे हैं। अब तक 950 से अधिक दौरे किए जा चुके हैं।
हर केस की जांच के लिए विशेष टीम बनाई गई है, जिसमें एपिडेमियोलॉजिस्ट भी शामिल हैं, ताकि संक्रमण के स्रोत का समय रहते पता लगाया जा सके। विभाग के अनुसार, अधिकांश नए मामले बाहर से आने वाले मजदूरों से जुड़े हैं, इसलिए श्रमिक स्थलों की नियमित जांच भी शुरू की गई है।
राज्य में मलेरिया के मामलों में उल्लेखनीय कमी आई है। वर्ष 2014 के 4,485 मामलों के मुकाबले 2025 में यह घटकर 202 रह गए, जबकि हाल के वर्षों में मलेरिया से कोई मृत्यु दर्ज नहीं हुई। 31 मार्च 2026 तक केवल 8 मामले सामने आए हैं।
स्वास्थ्य विभाग ने बताया कि 2025 में 36 लाख से अधिक परीक्षण किए गए और पॉजिटिविटी रेट बेहद कम 0.014 प्रतिशत रहा। लोगों से अपील की गई है कि बुखार होने पर तुरंत जांच कराएं और पूरा उपचार लें, ताकि बीमारी के प्रसार को रोका जा सके।
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