, March 29 -- मुंबई आने के बाद हिमांशु राय और देविका रानी ने मिलकर बांबे टॉकीज बैनर की स्थापना की और फिल्म जवानी की हवा का निर्माण किया। वर्ष 1935 में प्रदर्शित देविका रानी अभिनीत यह फिल्म सफल रही। बाद में देविका रानी ने बांबे टॉकीज के बैनर तले बनी कई फिल्मों में अभिनय किया। इन फिल्मों में से एक फिल्म थी अछूत कन्या। वर्ष 1936 में प्रदर्शित अछूत कन्या में देविका ने ग्रामीण बाला की मोहक छवि को रूपहले पर्दे पर साकार किया। फिल्म अछूत कन्या में अपने अभिनय से देविका रानी ने दर्शको को अपना दीवाना बना दिया। फिल्म मे अशोक कुमार एक ब्राह्मण युवक के किरदार मे थे जिन्हें एक अछूत लड़की से प्यार हो जाता है। सामाजिक पृष्ठभूमि पर बनी यह फिल्म काफी पसंद की गयी और इस फिल्म के बाद देविका रानी फिल्म इंडस्ट्री में ड्रीम गर्ल के नाम से मशहूर हो गयी।

अछूत कन्या के प्रदर्शन के बाद देविका रानी फर्स्ट लेडी ऑफ इंडियन स्क्रीन यानी भारतीय रजत पट की पहली रानी की उपाधि से सम्मानित किया गया। फिल्म अछूत कन्या के बाद देविका रानी ने अशोक के साथ कईफिल्मों में अभिनय किया। वर्ष 1940 में पति हिमांशु की आकस्मिक मौत के बाद देविका रानी ने बांबे टॉकीज को अपने सहयोगियो की मदद से चलाया और पुनर्मिलन, बंधन, कंगन, झूला, बसंत और किस्मत जैसी सफल फिल्मों का निर्माण किया। फिल्म किस्मत बांबे टॉकीज के बैनर तले बनी फिल्मों में सबसे कामयाब फिल्म साबित हुई। किस्मत ने बॉक्स आफिस के सारे रिकार्ड तोड़ते हुये कोलकाता के एक सिनेमा हॉल में लगभग चार वर्ष तक लगातार चलने का रिकार्ड कायम किया।

वर्ष 1945 में देविका रानी, बांबे टॉकीज से अलग हो गई। देविका रानी का मानना था कि महज पैसा कमाना बांबे टॉकीज का एकमात्र लक्ष्य नही है। हिमांशु राय ने उन्हें सिखाया था कि फिल्म को व्यावसायिक तौर पर सफल होनी चाहिये, लेकिन यह सफलता कलात्मक मूल्यों की बलि देकर नही हासिल की जानी चाहिए। देविका रानी को जब यह महसूस हुआ कि जब वह इन मूल्यों की रक्षा नही कर पा रही है तो उन्होंने बांबे टॉकीज को अलविदा कह दिया।

पति की मौत और बांबे टॉकीज को छोड़ने के बाद देविका रानी लगभग टूट सी गयी थी । इस बीच उनकी मुलाकात रूसी चित्रकार स्वेतोस्लाब रोरिक से हुई। बाद में देविका रानी ने उनसे विवाह कर लिया और फिल्म इंडस्ट्री को अलविदा कह दिया। अपने दिलकश अभिनय से दर्शकों के दिलो पर राज करने वाली देविका रानी 09 मार्च 1994 को इस दुनिया को अलविदा कह गई।

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