, April 7 -- वर्ष 1973 में प्रदर्शित फिल्म जैसे को तैसा के हिट होने के बाद फिल्म इंडस्ट्री में उनके नाम के डंके बजने लगे और वह एक के बाद एक कठिन भूमिकाओं को निभाकर फिल्म इंडस्ट्री में स्थापित हो गये।70 के दशक में जीतेन्द्र पर आरोप लगने लगे कि वह केवल नाच गाने से भरपूर रूमानी किरदार ही निभा सकते है। उन्हें इस छवि से बाहर निकालने में निर्माता .निर्देशक गुलजार ने मदद की और उन्हें लेकर परिचय,खुशबू.और किनारा जैसी पारिवारिक फिल्मों का निर्माण किया।इन फिल्मों में जीतेन्द्र के संजीदा अभिनय दर्शक आश्चर्यचकित रह गए। जीतेन्द्र के सिने कैरियर पर नजर डालने पर पता लगता है कि वह मल्टी स्टारर फिल्मों का अहम हिस्सा रहे है।फिल्म इंडस्ट्री के रूपहले पर्दे पर जीतेन्द्र की जोड़ी रेखा के साथ खूब जमी। अस्सी के दशक में उनकी जोड़ी अभिनेत्री श्रीदेवी और जया प्रदा के साथ काफी पसंद की गयी।अपनी अनूठी नृत्य शैली के कारण इस जोड़ी को दर्शकों ने सिर आंखो पर लिया।
वर्ष 1982 से 1987 के बीच जीतेन्द्र ने दक्षिण भारत के फिल्मकार टी रामाराव,के .बापैय्या,के .राघवेन्द्र राव आदि की फिल्मों में भी काम किया।नब्बे के दशक में अभिनय मे एकरपता से बचने और स्वंय को चरित्र अभिनेता के रूप मे भी स्थापित करने के लिये जीतेन्द्र ने खुद को विभिन्न भूमिकाओं में पेश किया।2000 के दशक में फिल्मों में अच्छी भूमिकाएं नही मिलने पर उन्होंने फिल्मों में काम करना काफी हद तक कम कर दिया।इस दौरान वह अपनी पुत्री एकता कपूर को छोटे पर्दे पर निर्मात्री के रूप स्थापित कराने में उनके मार्गदर्शक बने रहे।जीतेन्द्र ने पांच दशक लंबे सिने कैरियर में 250 से भी अधिक फिल्मों में अपने दमदार अभिनय से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कियाहै। जीतेन्द्र इन दिनों अपनी पुत्री एकता कपूर को फिल्म निर्माण में सहयोग कर रहे है।
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