, Nov. 7 -- वर्ष 1985 में कमल हासन को रमेश सिप्पी की फिल्म "सागर" में ऋषि कपूर और डिंपल कपाडिया के साथ कामकरने का अवसर मिला। आर. डी. बर्मन के सुपरहिट संगीत और अच्छी पटकथा के बावजूद यह फिल्म टिकट खिड़की पर असफल साबित हुयी लेकिन कमल हसन के अभिनय को दर्शकों ने खूब सराहा। इस फिल्म में अपने दमदारअभिनय के कमल हासन सर्वश्रेष्ठ अभिनेता के फिल्म फेयर पुरस्कार से सम्मानित किये गये ।
वर्ष 1985 में कमल हासन की एक और सुपरहिट फिल्म "गिरफ्तार" प्रदर्शित हुयी। जिसमें उन्हें सुपरस्टार इमिताभ बच्चन के साथ काम करने का अवसर मिला। वर्ष 1987 कमल हासन के सिने करियर का अहम वर्ष साबित हुआ। इस वर्ष उन्होंने एक मूक फिल्म "पुष्पक" में सशक्त अभिनय से दर्शकों को अचंभित कर दिया। वर्ष 1987 में ही कमल हासन को मणिरत्नम की फिल्म "नायकन" में भी काम करने का मौका मिला। फिल्म में वेलु नायकर केकिरदार को कमल हसन ने जीवंत कर अपना नाम भारत के महान अभिनेताओं में शुमार करा दिया। कमल हासन "नायकन" के लिए सर्वश्रेष्ठ अभिनेता के राष्ट्रीय पुरस्कार से भी नवाजे गये ।
वर्ष 1990 में प्रदर्शित फिल्म "अप्पू राजा" में कमल हसन ने अपने दमदार अभिनय से दर्शकों का दिल जीत लिया। इस फिल्म में यूं तो उन्होंने तीन अलग अलग भूमिकाए कीं लेकिन ऊंची कद काठी के रहते हुये भी उन्होंने जिस तरह तीन फुट के बौने के रूप में अपने आप को ढ़ालकर कर दर्शकों अचंभित कर दिया। वर्ष 1996 में कमल हासन के सिने कैरियर की एक और महत्वपूर्ण फिल्म "इंडियन" प्रदर्शित हुयी। एस .शंकर के निर्देशन में बनी फिल्म में उन्होंने दोहरे किरदार को रूपहले पर्दे पर साकार किया। फिल्म में दमदार अभिनय के लिये कमल हासन अपने करियर में तीसरी बार सर्वश्रेष्ठ अभिनेता के राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किये गये।
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