, Nov. 1 -- वर्ष 2000 ऐश्वर्या राय के सिने करियर के लिये अहम वर्ष साबित हुआ। इस वर्ष उनकी फिल्म 'जोश' प्रदर्शित हुयी, जिसमें उन्होंने शाहरूख खान की बहन की भूमिका निभायी। इसके साथ ही ऐश्वर्या राय की 'हमारा दिल आपके पास है' और 'मोहब्बतें' जैसी कामयाब फिल्में भी प्रदर्शित हुयीं। वर्ष 2002 में ऐश्वर्या राय को शरत चंद्र चट्टोपाध्याय के मशहूर उपन्यास देवदास पर बनी फिल्म देवदास में काम करने का अवसर मिला। संजय लीला भंसाली की इस फिल्म में ऐश्वर्या राय ने पारो के अपने किरदार से दर्शको का दिल जीत लिया। इस फिल्म के लिये दूसरी बार सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री के फिल्म फेयर पुरस्कार से सम्मानित की गयीं। इस फिल्म को कांस फिल्म समारोह में विशेष स्क्रीनिंग के दौरान दिखाया भी गया।
वर्ष 2003 में ऐश्वर्या ने फिल्म निर्माण के क्षेत्र में भी कदम रख दिया और फिल्म 'दिल का रिश्ता' का निर्माण किया लेकिन यह फिल्म व्यावसायिक रूप से सफल नही रही। वर्ष 2004 में ऐश्वर्या को गुरिन्दर चड्ढा की अंग्रेजी फिल्म 'प्राइड एंड प्रीजुडिस' और राज कुमार संतोषी की फिल्म 'खाकी' में महानायक अमिताभ बच्चन के साथ काम करने का अवसर मिला। फिल्म में ऐश्वर्या ने अपने सिने कैरियर में पहली बार नेगेटिव किरदार निभाया जो सिने दर्शको को काफी पसंद आया।
वर्ष 2004 ऐश्वर्या के सिने कैरियर का उपलब्धियों वाला वर्ष साबित हुआ। उस वर्ष उनके ऐश्वर्य को देखते हुये लंदन के सुप्रसिद्ध मैडम तुसाद म्यूजियम में उनका मोम का पुतला लगाया गया। इसी साल अमरीका की सुप्रसिद्ध पत्रिका टाइम मैगजीन ने विश्व की 100 प्रभावशाली हस्तियों में ऐश्वर्या का नाम शामिल किया।वर्ष 2006 में ही ऐश्वर्या ने यश चोपड़ा के बैनर तले बनी फिल्म धूम के सीक्वेल 'धूम 2' में काम किया। इस फिल्म में उन्होंने एक बार फिर से नकारात्मक किरदार निभाया और दर्शको का भरपूर मनोरंजन किया। वर्ष 2009 में फिल्म क्षेत्र में ऐश्वर्या राय के उल्लेखनीय योगदान को देखते हुये उन्हें पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित