एमसीबी , दिसंबर 15 -- मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले में सोमवार को राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान के अंतर्गत वर्ष 2025-26 में नव-निर्वाचित उपसरपंचों के लिए आयोजित त्रि-दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण कार्यक्रम के अंतर्गत जल जीवन मिशन विषय पर एक महत्वपूर्ण सत्र का आयोजन किया गया।

यह सत्र विकासखंड खड़गवां के नव-निर्वाचित उपसरपंचों के लिए अमृत सदन, जनपद पंचायत मनेन्द्रगढ़ के सभाकक्ष में संपन्न हुआ। कार्यक्रम का संचालन जिला पंचायत संसाधन केंद्र (डीपीआरसी) द्वारा किया गया।

जिला पीआरओ से प्राप्त जानकारी के अनुसार, सत्र के दौरान लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के विशेषज्ञों ने जल जीवन मिशन की रूपरेखा, उद्देश्य, संचालन एवं संधारण की प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कहा कि मिशन का मुख्य लक्ष्य प्रत्येक ग्रामीण परिवार को सुरक्षित एवं पर्याप्त पेयजल उपलब्ध कराना है। इस क्रम में शासन के राजपत्र प्रावधानों, ग्राम पंचायत स्तर पर पेयजल योजनाओं के हस्तांतरण की प्रक्रिया तथा जल आपूर्ति प्रणालियों के प्रमाणीकरण एवं सत्यापन के विभिन्न चरणों को सरल एवं व्यावहारिक उदाहरणों के माध्यम से समझाया गया।

प्रशिक्षण सत्र में जल गुणवत्ता परीक्षण की प्रक्रिया, स्रोतों की नियमित निगरानी, पेयजल योजनाओं के रखरखाव तथा जल संरक्षण के उपायों पर भी विशेष रूप से चर्चा की गई। विशेषज्ञों ने इस बात पर जोर दिया कि जल जीवन मिशन की दीर्घकालिक सफलता ग्राम पंचायतों की सक्रिय भागीदारी और समुदाय की सहभागिता पर निर्भर करती है। उन्होंने कहा कि उपसरपंच ग्राम स्तर पर योजना के प्रभावी क्रियान्वयन, जनजागरूकता और निगरानी में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

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