चंडीगढ़ , अप्रैल 30 -- केन्द्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ के मनीमाजरा क्षेत्र में एक उपभोक्ता को जारी किये गये 81,471 रुपये के पानी के बिल ने नगर निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिये हैं। एमएचसी, फ्लैट नंबर 5012/3 के निवासी एस.पी. अरोड़ा ने बिल को गलत बताते हुए इसके पुनर्मूल्यांकन की मांग की है।
श्री अरोड़ा के अनुसार, पिछले करीब 10 वर्षों से उनका पानी का बिल प्रति बिलिंग साइकिल 400 से 500 रुपये के बीच आता रहा है, लेकिन हाल ही में मीटर बदलने के बाद बिल अचानक बढ़कर 81,471 रुपये पहुंच गया।
शिकायत में बताया गया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान नये मीटर में 965 किलोलीटर तक की खपत दर्ज की गयी, जो सामान्य घरेलू उपयोग से कई गुना अधिक है। उपभोक्ता का कहना है कि इस दौरान उन्हें नियमित बिल भी प्राप्त नहीं हुए।
श्री अरोड़ा ने बताया कि विभाग के निर्देश पर जुलाई 2025 में प्लंबर से जांच करवायी गयी, जिसमें मामूली लीकेज को ठीक किया गया, फिर भी मीटर रीडिंग असामान्य बनी रही। इसके बाद एक सितंबर 2025 को उन्होंने मीटर जांच के लिए आवेदन किया।
विभागीय निरीक्षण के बाद जब उसी मीटर को दोबारा स्थापित किया गया, तो खपत अचानक सामान्य स्तर (लगभग 14 किलोलीटर प्रति साइकिल) पर आ गयी। इससे उपभोक्ता ने पहले की अधिक रीडिंग को तकनीकी या इंस्टॉलेशन में त्रुटि बताया है।
उन्होंने आरोप लगाया कि यह बिल विभागीय खामी का परिणाम है और शिकायत के समाधान में देरी से समस्या और बढ़ी। अरोड़ा ने मांग की है कि बिल को पूर्व औसत खपत के आधार पर संशोधित किया जाये और केवल वास्तविक राशि ही वसूली जाये।
उन्होंने चेतावनी दी है कि जल्द समाधान न होने पर वे उपभोक्ता फोरम का रुख करेंगे। वहीं, स्थानीय निवासियों ने मामले की निष्पक्ष जांच और शीघ्र समाधान की मांग की है।
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