मुंबई , दिसंबर 11 -- महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) प्रमुख राज ठाकरे ने पड़ोसी शहर ठाणे की एक सत्र अदालत में 2008 में उनके और उनकी पार्टी के कार्यकर्ताओं के खिलाफ दर्ज दंगा मामले में खुद को निर्दोष बताया। यह मामला बिहार और उत्तर प्रदेश के उन उम्मीदवारों पर हमला करने के आरोप में दर्ज किया गया था, जो रेलवे भर्ती बोर्ड की परीक्षा देने महाराष्ट्र गये थे।
श्री राज ठाकरे पर परीक्षास्थल पर पुलिसकर्मियों पर भी हमला करने का आरोप था। इससे पहले दिन में जब मनसे प्रमुख अदालत पहुंचे तो सत्र अदालत के अंदर और बाहर भारी पुलिस बंदोबस्त किया गया था। बड़ी संख्या में उनके पार्टी कार्यकर्ता और समर्थक अदालत परिसर में जमा थे।
मनसे प्रमुख के अलावा सात अन्य आरोपी भी अदालत में मौजूद थे। अदालत में जैसे ही कार्यवाही शुरू हुई आरोपियों की उपस्थिति दर्ज करने के बाद उनके खिलाफ आरोप तय किए। जब अदालत ने मनसे प्रमुख से पूछा कि क्या उन पर लगाए गए आरोप उन्हें स्वीकार हैं, तो उन्होंने नकारात्मक जवाब दिया।
श्री ठाकरे और अन्य आरोपियों के खुद को निर्दोष बताने के बाद अदालत ने मामले की अगली सुनवाई 16 दिसंबर के लिए स्थगित कर दी। उनके वकील राजेंद्र शिरोडकर ने कहा कि ठाकरे जब भी निर्देश दिया जाएगा, अदालत की कार्यवाही में शामिल होंगे।
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