बस्तर , दिसंबर 22 -- महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) से राष्ट्रपिता का नाम हटाने के प्रस्ताव के विरोध में सोमवार को बस्तर जिला कांग्रेस कमेटी (शहर एवं ग्रामीण) के संयुक्त तत्वावधान में कार्यकर्ताओं ने एकदिवसीय धरना-प्रदर्शन किया।

शहर के संजय मार्केट चौक पर आयोजित धरना प्रदर्शन में बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ताओं की मौजूदगी रही। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज विशेष रूप से शामिल हुए और केंद्र सरकार की नीति के खिलाफ तीखा हमला बोला।

श्री बैज ने धरना-प्रदर्शन को संबोधित करते हुए कहा कि मनरेगा सिर्फ एक रोजगार योजना नहीं है, बल्कि यह महात्मा गांधी के विचारों, ग्राम स्वराज और सामाजिक न्याय की अवधारणा से जुड़ी हुई योजना है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार सुनियोजित तरीके से महात्मा गांधी के नाम और उनके आदर्शों को सार्वजनिक योजनाओं और जनमानस से हटाने का प्रयास कर रही है, जो लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि मनरेगा ने करोड़ों ग्रामीण मजदूरों को रोजगार, सम्मान और आजीविका की सुरक्षा प्रदान की है। इस योजना से महात्मा गांधी का नाम हटाना ग्रामीण गरीबों, मजदूरों और किसानों की भावनाओं का अपमान है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि केंद्र सरकार ने यह निर्णय वापस नहीं लिया, तो कांग्रेस पार्टी सड़कों से लेकर संसद तक आंदोलन को और तेज करेगी।

धरना-प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और मनरेगा को यथावत बनाए रखने की मांग की। कार्यक्रम में जिला कांग्रेस के पदाधिकारी, शहर एवं ग्रामीण कांग्रेस कार्यकर्ता, महिला कांग्रेस, युवक कांग्रेस तथा विभिन्न प्रकोष्ठों के प्रतिनिधि बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

कांग्रेस नेताओं ने स्पष्ट किया कि पार्टी गरीब, मजदूर और ग्रामीण वर्ग के अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष करती रहेगी और महात्मा गांधी के नाम और उनके विचारों से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।

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