हैदराबाद , दिसंबर 18 -- तेलंगाना के राजस्व, आवास और सूचना एवं जनसंपर्क मंत्री पोंगुलेटी श्रीनिवास रेड्डी ने महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) का नाम बदलने के केंद्र सरकार के कदम की कड़ी आलोचना करते हुए इसे महात्मा गांधी का अपमान और ग्रामीण गरीबों की आजीविका पर हमला बताया है।
मंत्री ने कहा कि गरीब परिवारों को सहारा देने के लिए 2005 में संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार द्वारा शुरू की गयी रोजगार गारंटी योजना भारत की ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ बन गयी है। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले एक दशक में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार इस योजना को व्यवस्थित रूप से कमजोर करती आ रही है। अब एक और शर्मनाक फैसले के जरिए गांधीजी का नाम मिटाने की कोशिश कर रही है।
श्री रेड्डी ने लोकसभा में पारित विधेयक की आलोचना करते हुए कहा कि मनरेगा का नाम बदलकर विकसित भारत-रोजगार और आजीविका मिशन गारंटी करना और लगभग 40 प्रतिशत वित्तीय बोझ राज्यों पर डालना एक अन्यायपूर्ण और प्रतिगामी कदम है। उन्होंने कहा कि इस कदम से राज्य के वित्त पर असहनीय दबाव पड़ेगा और ग्रामीण आजीविका कमजोर होगी।
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