उदयपुर/सरगुजा, फरवरी 07 -- कांग्रेस के 'मनरेगा बचाओ' अभियान के तहत उदयपुर के दावा गांव से शनिवार को पदयात्रा निकाली गयी, जिसका नेतृत्व का पूर्व उपमुख्यमंत्री टी.एस. सिंहदेव ने किया। इसमें वरिष्ठ कांग्रेस नेता प्रेमसाय टेकाम सहित सैकड़ों कांग्रेसी कार्यकर्ता और मनरेगा श्रमिक शामिल हुए।

श्री सिंहदेव पदयात्रा के दौरान कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह और श्रीमती सोनिया गांधी द्वारा बनाया गया मनरेगा कानून गरीबों और मजदूरों को काम का कानूनी अधिकार देता था। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान केंद्र सरकार ने इस अधिकार को कमजोर करके इसे महज एक योजना में बदल दिया है, जिससे ग्रामीण श्रमिकों का रोजगार संकट में पड़ गया है।

उन्होंने कहा, " मनरेगा कानून के तहत राज्य सरकार 100 दिनों का रोजगार देती थी,राज्य शासन के द्वारा लिए गए आदेश के मुताबिक 100 दिनों के काम के अधिकार में 50 दिनों की गारंटी और दी गई थी। इस तरह 150 दिन का रोजगार दिया जाता था। तथा वन क्षेत्र के लोगों को 150 दिनों के आलावा 50 दिन का रोजगार दिया जाता था,इस तरह राज्य में 200 दिन तक रोजगार देने का प्रावधान था। अब नए मिशन के तहत 125 दिन रोजगार दिया जाएगा की बात कही जा रही है तो मजदूरों के काम के 75 दिन कम तो ही गए हैं।"पदयात्रा में प्रतिभागियों ने "मनरेगा वापस दो" और "हमारा मुख्यमंत्री कैसा हो, टी.एस. सिंहदेव जैसा हो" जैसे नारे लगाए। करीब सात किलोमीटर की इस यात्रा के बाद, बस स्टैंड उदयपुर में मनरेगा को बचाने तथा मजदूरी बढ़ाने के संबंध में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के नाम एक ज्ञापन तहसीलदार विकास जिंदल को सौंपा गया।

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