रांची , दिसम्बर 20 -- झारखंड के प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष केशव महतो कमलेश ने कहा कि आज से 20 साल पहले डॉ मनमोहन सिंह अपने प्रधानमंत्रीत्व काल में संसद से मनरेगा कानून सर्वसम्मति से पास किया था यह ऐसा क्रांतिकारी कदम था जिसका फयादा करोड़ो ग्रामीण परिवारों को मिला था, खासतौर पर वंचित शोषित गरीब और अति गरीब लोगों के लिए रोजी-रोटी का जरिया बना।

श्री कमलेश ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि बहुत अफसोस की बात है कि अभी हाल में सरकार ने मनरेगा पर बुलडोजर चला दिया। न सिर्फ महात्मा गांधी का नाम हटाया बल्कि मनरेगा का पूरा स्वरूप बिना विचार विमर्श किये विपक्ष को बिना विश्वास में लिये अहंकार में बदल दिया। कांग्रेस का मनरेगा को लाने और लागू करने में बड़ा योगदान था लेकिन यहा पार्टी से जुड़ा मामला कभी नहीं था। बल्किी यह देशहीत और जनहीत से जुड़ी योजना थी।

मोदी सरकार ने यह कानून को कमजोर करके देश के करोड़ो किसानों, श्रमिकों और भूमिहीन ग्रामीण वर्ग के हितों पर हमला किया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस समाज के वंचित वर्गों, श्रमिकों एवं गरीब वर्गों की आवाज है और हम सड़क से लेकर सदन तक इसका विरोध करते रहेंगे।

इसी बावत झारखंड में 21 दिसम्बर को राज्य के सभी जिला मुख्यालयों में व्यापक रूप से धरना प्रदर्शन आयोजित किया गया है जो इस अहंकारी सरकार को मजबूर करेंगा इसे वापस लेने को। जैसे हमने तीन कृषि काले कानून को वापस कराया उसी प्रकार इस अहंकारी निर्णय को भी हम वापस करवाकर ही रहेंगे।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित