एमसीबी , दिसंबर 17 -- छत्तीसगढ़ में एमसीबी जिल के अंतर्गत ग्राम पंचायत पिपरिया में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के तहत निर्मित लघु तालाब ने ग्रामीण विकास और जल संरक्षण की दिशा में एक प्रेरक सफलता कहानी रच दी है।

इस योजना के अंतर्गत व्यक्तिगत लाभार्थी केषेलाल सिंह के नाम पर वित्तीय वर्ष 2024-25 में तीन लाख रुपये की स्वीकृति से पिपरिया लघु तालाब का निर्माण किया गया, जिसका सीधा लाभ आज उनकी खेती और आजीविका में स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है।

जिला जनसंपर्क अधिकारी (पीआरओ) की ओर से बुधवार को जारी विज्ञप्ति के अनुसार ग्रामीण क्षेत्र होने के कारण ग्राम पिपरिया में खेती लंबे समय से वर्षा पर निर्भर रही है। समय पर पानी की उपलब्धता नहीं होने से सिंचाई बाधित होती थी, जिससे किसानों को सीमित उत्पादन पर ही संतोष करना पड़ता था। ऐसे में लघु तालाब का निर्माण जल संरक्षण की दिशा में एक कारगर समाधान साबित हुआ। वर्षा जल के संग्रह से अब खेतों के लिए स्थायी सिंचाई सुविधा उपलब्ध हो गई है, जिससे खेती का जोखिम काफी हद तक कम हुआ है।

विज्ञप्ति के अनुसार तकनीकी मानकों के अनुरूप विभागीय मार्गदर्शन में तालाब का निर्माण किया गया। स्थल चयन, खुदाई और जलभराव क्षमता का विशेष ध्यान रखा गया, जिससे यह तालाब पूरे वर्ष उपयोगी बना रहे। तालाब बनने से पहले केषेलाल सिंह केवल एक फसल तक सीमित थे, लेकिन अब नियमित सिंचाई सुविधा मिलने से वे दो फसलें लेने में सक्षम हो गए हैं। इससे उनकी कृषि आय में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।

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