अलवर , दिसम्बर 27 -- राजस्थान में कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा है कि महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) का नाम बदलकर जी राम जी योजना रखना एक साजिश का हिस्सा है।
श्री डोटासरा ने शनिवार को अलवर में पत्रकारों से कहा कि ये लोग महात्मा गांधी की विचारधारा को खत्म करके नाथूराम गोडसे की विचारधारा के पोषक हैं और उसे ही अपना आदर्श मानते हैं, इसलिए इन्होंने इस योजना का नाम बदला है। उन्होंने कहा कि मनरेगा काम का अधिकार देता है।
उन्होंने बताया कि आज केंद्रीय कांग्रेस कार्य समिति की दिल्ली में बैठक हुई, जिसमें यह तय किया गया है कि पांच जनवरी से 31 जनवरी तक अभियान चलाया जाएगा। देश में मनरेगा और राजस्थान में अरावली को बचाने का काम करेंगे। राजस्थान में अरावली को बचाने का काम भी साथ में किया जाएगा। इसके लिए युवा कांग्रेस, भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (एनएसयूआई) सहित कई कांग्रेसी समर्थित संगठन पदयात्रा की योजना बना रहे हैं। वे निश्चित रूप से केंद्र सरकार को पीछे हटने पर मजबूर कर देंगे।
उन्होंने कहा कि हमारे लिए ये दोनों योजना बराबर हैं। मनरेगा का नाम बदलने के बाद यह काम के अधिकार को खत्म करेंगे।
श्री डोटासरा ने कहा कि मनरेगा में 40 और 60 का अनुपात लिखा गया है। राज्य सरकार पहले 40 फ़ीसदी देगी, उसके बाद 60 फीसदी केंद्र सरकार देगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकारें 40 फीसदी धन कहां से लाएंगी।
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