नयी दिल्ली , दिसंबर 30 -- केन्द्रीय ग्रामीण विकास तथा कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मंगलवार को आश्वस्त किया कि 'विकसित भारत- गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) अधिनियम-2025' (वीबी-जी रामजी) के लागू होने से वर्तमान में कार्यरत किसी भी मनरेगा कर्मी की सेवा प्रभावित नहीं होगी।
श्री चौहान ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से देशभर के लगभग 45 हजार स्थानों से जुड़े दो लाख से अधिक मनरेगा कर्मियों के प्रतिनिधियों के साथ राष्ट्रीय स्तर की वार्ता की अध्यक्षता करते यह भरोसा दिलाया। इस दौरान उन्होंने नए कानून के प्रावधानों पर विस्तार से चर्चा की और कर्मियों की आशंकाओं को दूर किया।
केंद्रीय मंत्री ने कहा, "अधिनियम की धारा 37 (3) के तहत यह स्पष्ट है कि मनरेगा कर्मियों का रोजगार पूरी तरह सुरक्षित है। जो कर्मी अभी मनरेगा का क्रियान्वयन कर रहे थे, वही नए कानून वीबी-जी रामजी को भी लागू करेंगे। राज्यों के माध्यम से यह सुनिश्चित किया जाएगा कि उनकी सेवाएं निरंतर बनी रहें।"वेतन भुगतान और सेवा शर्तों पर पूछे गए सवालों के जवाब में श्री चौहान ने एक महत्वपूर्ण जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि नए अधिनियम में प्रशासनिक मद में खर्च की सीमा को छह प्रतिशत से बढ़ाकर नौ प्रतिशत कर दिया गया है। उन्होंने कहा, "इस वृद्धि से न केवल राज्यों के माध्यम से कर्मियों का मानदेय समय पर मिलना सुनिश्चित होगा, बल्कि भविष्य में उनकी सेवा शर्तों में सुधार की भी व्यापक संभावनाएं बनेंगी।"इस सत्र के दौरान अधिनियम की मुख्य विशेषताओं पर एक प्रस्तुति भी दी गई। इसमें बताया गया कि नए ढांचे में वर्ष में 125 दिन के रोजगार की गारंटी दी गई है। यह नहीं समावेशी प्रावधानों पर विशेष बल देते हुए कार्यान्वयन ढांचे को पहले से अधिक पारदर्शी और मजबूत बनाया गया है।
वार्ता में शामिल प्रतिनिधियों ने नए कानून का स्वागत किया और इसके सफल क्रियान्वयन के लिए पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया। इस दौरान ग्रामीण विकास मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित