नयी दिल्ली , दिसंबर 28 -- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों से आग्रह किया है कि वे कोई भी एंटीबायोटिक दवा मनमर्जी से नहीं लें और उन्हें विशेषज्ञ डॉक्टर की सलाह पर ही इसका इस्तेमाल करना चाहिए।
श्री मोदी ने रविवार को आकाशवाणी से प्रसारित अपने मासिक कार्यक्रम मन की बात' की 129वीं कड़ी के प्रसारण में कहा कि इस मंच से उन्हें समाज की भलाई से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा का एक बहुत अच्छा अवसर मिलता है इसलिए वह समाज के हित से जुड़े सभी सुझावों का इस कार्यक्रम के जरिए लोगों तक पहुंचाते हैं।
उन्होंने कहा "आज मैं एक ऐसे मुद्दे पर बात करना चाहता हूँ, जो हम सभी के लिए चिंता का विषय बन गया है। आईसीएमआर यानी भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद ने हाल ही में एक रिपोर्ट जारी की है जिसमें बताया गया है कि निमोनिया और यूटीआई जैसी कई बीमारियों के खिलाफ एंटीबायोटिक दवाएं कमजोर साबित हो रही हैं। हम सभी के लिए यह बहुत ही चिंताजनक है। रिपोर्ट के मुताबिक इसका एक बड़ा कारण लोगों द्वारा बिना सोचे-समझे एंटीबायोटिक दवाओं का सेवन है।"प्रधानमंत्री ने कहा कि एंटीबायोटिक ऐसी दवाएं नहीं हैं, जिन्हें यूं ही ले लिया जाए। इनका इस्तेमाल डॉक्टर की सलाह से ही लिया जाना चाहिए। आजकल लोग ये मानने लगे हैं कि बस एक गोली ले लो, हर तकलीफ दूर हो जाएगी। यही वजह है कि बीमारियाँ और संक्रमण इन एंटीबायोटिक दवाओं पर भारी पड़ रहे हैं।
उन्होंने कहा "मैं आप सभी से आग्रह करता हूँ कि कृपया मनमर्जी से दवाओं का इस्तेमाल करने से बचें। एंटीबायोटिक दवाओं के मामले में तो इस बात का ध्यान रखना बहुत जरूरी है। मैं तो यही कहूँगा कि दवाई के लिए दिशानिर्देश और एंटीबायोटिक के लिए डॉक्टर्स की जरूरत है। यह आदत आपकी सेहत को बेहतर बनाने में बहुत मददगार साबित होने वाली है।
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