रायपुर , जनवरी 31 -- सरकारी स्कूलों में मध्याह्न भोजन योजना से जुड़े रसोइयों के आंदोलन के मामले में अभनपुर पुलिस ने कड़ी कार्रवाई करते हुए मध्याह्न भोजन रसोइया संयुक्त संघ के पदाधिकारियों समेत सैकड़ों प्रदर्शनकारियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है, जिसकी जानकारी शनिवार को पुलिस विभाग ने दी ।

पुलिस ने चक्काजाम और सार्वजनिक मार्ग अवरुद्ध करने के आरोप में भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की है।

जानकारी के अनुसार, 29 जनवरी को मध्याह्न भोजन रसोइया संयुक्त संघ के बैनर तले संघ के पदाधिकारी और सदस्य अपनी विभिन्न मांगों को लेकर ग्राम तूता रेलवे अंडरब्रिज के पास धरने पर बैठे थे। प्रारंभ में धरना शांतिपूर्ण रहा लेकिन बाद में स्थिति बिगड़ने की बात सामने आई है।

पुलिस का कहना है कि धरना समाप्त होने के बाद कुछ नेताओं द्वारा कथित रूप से भड़काऊ भाषण दिए गए, जिससे प्रदर्शनकारियों में आक्रोश फैल गया। इसके बाद राम गुलाम ठाकुर के नेतृत्व में सैकड़ों लोग नवा रायपुर जाने वाले मुख्य मार्ग पर पहुंच गए और रैली निकालते हुए सड़क पर बैठकर जाम कर दिया।

इस दौरान शासन-प्रशासन, मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री के खिलाफ आपत्तिजनक नारेबाजी भी की गई। सड़क जाम के कारण मुख्य मार्ग पर यातायात बाधित हुआ और आम नागरिकों तथा वाहन चालकों को काफी देर तक परेशानियों का सामना करना पड़ा।

कार्यपालिक मजिस्ट्रेट अभनपुर द्वारा रैली को अवैध घोषित करते हुए कई बार प्रदर्शनकारियों को समझाइश दी गई, लेकिन निर्देशों का पालन नहीं किया गया। इसके बाद थाना प्रभारी अभनपुर की रिपोर्ट पर पुलिस ने कार्रवाई की।

पुलिस ने इस मामले में संघ के प्रदेश अध्यक्ष रामराज कश्यप, प्रदेश सचिव मेघराज बघेल, प्रदेश उपाध्यक्ष कचरा चंद्राकर, प्रदेश कोषाध्यक्ष कन्हैया यादव, सुनीता, उल्फी यादव, राम गुलाम ठाकुर सहित 500-600 अज्ञात प्रदर्शनकारियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 126(2) और 191(2) के तहत अपराध दर्ज किया है।

अभनपुर पुलिस का कहना है कि मामले की विवेचना जारी है। वीडियो फुटेज और प्रत्यक्षदर्शियों के बयानों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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