भोपाल, 03 फरवरी, 2026 (वार्ता)। मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग अब छत्तीसगढ़, जम्मू-कश्मीर, सिक्किम और महाराष्ट्र के बाद राजस्थान राज्य के स्थानीय निकाय चुनावों में भी जिम्मेदारी निभाएगा। इससे देश को ईवीएम खरीद में लगभग 1000 से 1500 करोड़ रुपए की बचत होगी।

मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग लगातार स्थानीय निर्वाचन क्षेत्र में नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है। आयोग न केवल प्रदेश में नवीन तकनीक और ईवीएम का उपयोग कर निष्पक्ष एवं पारदर्शी चुनाव प्रक्रिया को बढ़ावा दे रहा है, बल्कि अन्य राज्यों के साथ शेयरिंग पॉलिसी के माध्यम से अपनी तकनीक और ईवीएम मशीनों को साझा कर उन्हें भी आधुनिक और पारदर्शी चुनाव की सुविधा प्रदान कर रहा है। इसके तहत आयोग अपने कर्मचारियों और अधिकारियों के माध्यम से प्रशिक्षण भी उपलब्ध करवा रहा है।

आज, 03 फरवरी, 2026 को जयपुर, राजस्थान में आयोजित कार्यक्रम में मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग ने राजस्थान राज्य निर्वाचन आयोग को 30,000 कंट्रोल यूनिट और 60,000 बैलेट यूनिट चार माह की अवधि के लिए लोन बेस पर उपलब्ध कराने का एम.ओ.यू. संपादित किया। इसके बदले राजस्थान राज्य निर्वाचन आयोग ने मध्यप्रदेश को लगभग 3 करोड़ रुपए राजस्व राशि के रूप में भुगतान किया। कार्यक्रम में मध्यप्रदेश आयोग के निर्वाचन आयुक्त श्री मनोज श्रीवास्तव, सचिव श्री दीपक सिंह और राजस्थान आयोग के आयुक्त श्री राजेश्वर सिंह, सचिव श्री राजेश वर्मा सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

मध्यप्रदेश आयोग की इस पहल से राज्यों के बीच आपसी सहयोग की भावना मजबूत हो रही है और मध्यप्रदेश के राजकीय कोष में भी राजस्व की प्राप्ति हो रही है। साथ ही, देश के सभी राज्यों में शत-प्रतिशत चुनाव ईवीएम के माध्यम से करवाने का मार्ग खुल रहा है और नई ईवीएम मशीन खरीदने में राज्यों की भारी बचत हो रही है।

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