भोपाल , अप्रैल 28 -- मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल के जम्बूरी मैदान में '1842 बुंदेला विद्रोह' के महानायक वीर राजा हिरदेशाह लोधी और अन्य क्रांतिकारियों की स्मृति में आयोजित शौर्य यात्रा एवं सामाजिक-सांस्कृतिक सम्मेलन में हजारों लोगों की भागीदारी रही। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने घोषणा की कि 1842 के क्रांतिकारियों की जीवनी को स्कूली पाठ्यक्रम में शामिल किया जाएगा और उनके योगदान पर शोध कार्य भी प्रारंभ किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इन क्रांतिकारियों के त्याग और बलिदान से नई पीढ़ी को परिचित कराना आवश्यक है, ताकि राष्ट्रभक्ति और इतिहास के प्रति सम्मान की भावना मजबूत हो सके। उन्होंने कार्यक्रम को सामाजिक चेतना का प्रतीक बताते हुए इसे ऐतिहासिक अवसर बताया।

पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने कहा कि भीषण गर्मी के बावजूद बड़ी संख्या में लोगों की उपस्थिति समाज की जागरूकता और अपने पूर्वजों के प्रति सम्मान को दर्शाती है। उन्होंने कहा कि समाज को शिक्षित होने के साथ संस्कारवान बनना भी आवश्यक है, तभी राष्ट्र सशक्त बन सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि 1842 के कई बलिदानियों के वंशज आज भी भूमिहीन हैं, जिनके प्रति संवेदनशीलता के साथ कार्य करने की आवश्यकता है।

पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती ने वीर राजा हिरदेशाह लोधी की युद्ध शैली की तुलना छत्रपति शिवाजी महाराज से करते हुए युवाओं को साहस और आत्मबल के साथ आगे बढ़ने का संदेश दिया।

कार्यक्रम के आयोजक और लोधी महासभा के प्रदेश अध्यक्ष जालम सिंह पटेल ने कहा कि राजा हिरदेशाह लोधी ने अद्वितीय साहस का परिचय दिया और उनके बलिदान को इतिहास में उचित स्थान मिलना चाहिए। उन्होंने युवाओं से नशे से दूर रहकर राष्ट्र निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया।

कार्यक्रम में क्रांतिकारियों के वंशजों का सम्मान भी किया गया, जिनमें राजा कौशलेंद्र सिंह, रामकुमार सिंह और रंजीता सिंह शामिल हैं। इस दौरान प्रसिद्ध लोक गायिका संजो बघेल की प्रस्तुतियों ने वातावरण को देशभक्ति से ओत-प्रोत कर दिया।

इस आयोजन में मध्यप्रदेश सहित उत्तरप्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान और महाराष्ट्र से बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। जम्बूरी मैदान में उमड़ा जनसमूह किसी महाकुंभ जैसा दृश्य प्रस्तुत कर रहा था।

कार्यक्रम में विभिन्न समाजों के लोगों ने एकजुट होकर सामाजिक एकता का संदेश दिया। अनेक जनप्रतिनिधियों, मंत्रियों और विधायकों की उपस्थिति में यह आयोजन पूर्णतः सामाजिक और सांस्कृतिक स्वरूप में संपन्न हुआ।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित