भोपाल , फरवरी 3 -- मध्यप्रदेश की जनजातियों के जीवन, देशज ज्ञान, कला परंपरा और सौंदर्यबोध को प्रदर्शित करने तथा उनकी बहुरंगी, बहुआयामी संस्कृति को संरक्षित और प्रस्तुत करने का कार्य जनजातीय संग्रहालय में किया गया है।
वही संग्रहालय दर्शकों और पर्यटकों के लिए समय परिवर्तन किया गया है जो 1 फरवरी से अक्टूबर, 2026 तक प्रतिदिन दोपहर 12:00 बजे से रात्रि 08:00 बजे तक खुला रहेगा। वहीं 1 नवंबर, 2026 से 31 जनवरी, 2027 तक संग्रहालय दोपहर 12:00 बजे से रात्रि 07:00 बजे तक दर्शकों के लिए खुलेगा।
संग्रहालय में छह अलग-अलग कलाओं और शिल्प माध्यमों की दीर्घाएं हैं, जिनमें जनजातीय जीवन की झलक, उनके परिवेश, खेल-कूद, संस्कृति और देवलोक आदि प्रदर्शित हैं। प्रत्येक दीर्घा में जिज्ञासुओं और शोधार्थियों के लिए कियोस्क स्थापित किए गए हैं, जिनके माध्यम से उस दीर्घा से संबंधित जानकारी हिंदी या अंग्रेजी में विस्तार से प्राप्त की जा सकती है।
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