मधुबनी , फरवरी 05 -- बिहार के मधुबनी जिले के नगर थाना क्षेत्र में पुलिस ने अंतरराष्ट्रीय साइबर फ्रॉड रैकेट का पर्दाफाश कर इस गिरोह के मास्टरमाइंड समेत चार अपराधियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस अधीक्षक योगेन्द्र कुमार ने आज संवाददाता सम्मलेन में बताया किनगर थाना क्षेत्र में आर्थिक अपराध इकाई पटना, सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी), विशेष कार्य बल (एसटीएफ),खुफिया ब्यूरो (आईबी), टेलीकॉम विभाग और नगर थाना की पुलिस ने संयुक्त छापेमारी कर अंतरराष्ट्रीय साइबर फ्रॉड रैकेट का पर्दाफाश कर इस गिरोह के मास्टरमाइंड समेत चार अपराधियों को गिरफ्तार किया है। उन्होंने बताया कि यह गिरोह भारत में बैठकर चीन, थाईलैंड और कंबोडिया में सक्रिय साइबर अपराधियों के लिए काम कर रहा था।

पुलिस अधीक्षक ने बताया कि छापेमारी के दौरान अपराधियों के पास से सात हाई-टेक सिम बॉक्स,136 मोबाइल फोन,136फर्जी सिम कार्ड और 1,68,000 नकद भारतीय मुद्रा बरामद किया गया है। बरामद सिम बॉक्स के जरिए विदेशी कॉल को भारतीय मोबाइल नंबर में बदल दिया जाता था, जिससे कॉल रिसीव करने वाले को यह आभास ही नहीं होता था कि कॉल विदेश से आ रही है।

श्री कुमार ने बताया कि जब चीन या कंबोडिया में बैठे साइबर ठग इंटरनेट के माध्यम से भारत में किसी व्यक्ति को कॉल करते थे, तो सिम बॉक्स की मदद से मोबाइल स्क्रीन पर विदेशी नंबर की जगह भारतीय मोबाइल नंबर दिखाई देता था। इसी तकनीकी छल से लोग आसानी से भरोसा कर लेते थे और ठगी का शिकार हो जाते थे।उन्होंने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों की पहचान नगर थाना क्षेत्र के तिरहुत कॉलोनी निवासी मनदीप सिंह (मास्टरमाइंड), विकास कुमार, मोहम्मद एहसान और राजनगर थाना क्षेत्र के शिवीपट्टी निवासी रौशन कामत के रूप में की गई है। उन्होंने बताया किजांच में यह बात सामने आई है कि गिरफ्तार आरोपियों में विकास कुमार और मोहम्मद एहसान मोबाइल की दुकान चलाते थे। ये दोनों ग्रामीण इलाकों की भोली-भाली महिलाओं को बहला-फुसलाकर अपनी दुकानों पर लाते थे और उनके बायोमेट्रिक डेटा के जरिए उनके नाम पर फर्जी सिम कार्ड एक्टिवेट कर देते थे। बाद में ये सिम कार्ड गिरोह के मास्टरमाइंड को सौंप दिए जाते थे, जिसके बदले उन्हें मोटी रकम मिलती थी।

पुलिस अधीक्षक ने बताया कि मुख्य आरोपी मनदीप सिंह ने अपने घर में ही एक मिनी कंट्रोल रूम बना रखा था, जहां से पूरे रैकेट का संचालन किया जाता था। उन्होंने बताया कि मनदीप सिंह से गहन पूछताछ की जा रही है। उसके पास से बरामद डिजिटल डेटा के आधार पर अन्य राज्यों में फैले नेटवर्क, सहयोगियों और संभावित ठिकानों पर छापेमारी की तैयारी की जा रही है।

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