तिरुवनंतपुरम , दिसंबर 10 -- मद्रास रेजिमेंट की ऐतिहासिक दूसरी बटालियन 13 दिसंबर को केरल के तिरुवनंतपुरम स्थित पंगोडे सैन्य स्टेशन में अपना 250वाँ स्थापना दिवस मनाएगी।

इस ऐतिहासिक कार्यक्रम में सेना के वरिष्ठ अधिकारी, सेवारत सैनिक, पूर्व सैनिक और सैनिकों के परिवार के सदस्यों समेत लगभग 3,000 प्रतिभागियों के शामिल होने की उम्मीद है। समारोह में सांस्कृतिक कार्यक्रम, एक सैनिक सम्मेलन, पुष्पांजलि समारोह आदि कई कार्यक्रम होंगे।

इस बटालियन की स्थापना 13 दिसंबर 1776 को हुई थी, जब इसे कैप्टन सी.एल.डब्ल्यू. डेविस के अधीन तंजौर में 15वीं कर्नाटक इन्फेंट्री बटालियन के रूप में गठित किया गया था। 249 वर्षों के दौरान, इसमें कई प्रमुख परिवर्तन हुए और 1953 में इसका नामकरण मद्रास रेजिमेंट की दूसरी बटालियन के रूप में हुआ। इसे गर्व से 'गुंडा बटालियन' भी कहा जाता है।

इस बटालियन के इतिहास में सबसे उल्लेखनीय प्रकरणों में से एक 1952 में हुआ जिसके बाद से इसे 'गुंडा बटालियन' भी कहा जाने लगा। जब बटालियन को लेफ्टिनेंट कर्नल मुलिनेक्स के अधीन जोधपुर में सूखे से प्रभावित क्षेत्रों में आवश्यक आपूर्ति पहुँचाने के लिए तैनात किया गया था। इस क्षेत्र में बड़े पैमाने पर आगजनी, लूटपाट और प्रशासनिक पंगुता के कारण रेलवे अधिकारियों ने प्रभावित क्षेत्रों में ट्रेनों को चलाने से इनकार कर दिया था। तब बटालियन ने अपने मिशन को पूरा करने के लिए स्वयं जिम्मेदारी संभाली।

बटालियन के हवलदार मेजर ने बंदूक की नोक पर चालक को संकटग्रस्त क्षेत्र में ट्रेन के ले जाने के लिए बाध्य किया, जिससे जरूरतमंदों तक आवश्यक सामग्री पहुंच सकी। सैनिकों के इस राहत प्रयास में कुछ सरकारी अधिकारियों ने भी बाधा डालने की कोशिश की।

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