चेन्नई , जनवरी 15 -- तमिलनाडु के मदुरै जिले के अवुनियापुरम में गुरुवार को सांड को वश में करने की प्रतियोगिता आयोजित की गई। इस तीन दिवसीय जल्लीकट्टू उत्सव में भाग लेने के लिए करीब 1,000 सांडों और सांड पर काबू करने वालों का ऑनलाइन पंजीकरण हुआ है।
पशु चिकित्सकों द्वारा सांडों की चिकित्सा जांच करने के बाद कार्यक्रम सुबह 8.00 बजे शुरू हुआ। सांडों को जैसे ही छोड़ा गया, उत्साही लोगों ने उनको काबू में करने के लिए अपनी कोशिशें तेज कर दीं।
नौ राउंड के अंत में वादीवासल से 764 सांड छोड़े गए, जिनमें से 190 को 34 बुलटैमर्स द्वारा वश में किया गया। झुंड का नेतृत्व अवुनियापुरम् के वलयांकुलम गांव का बुलटैमर बाला कर रहा था। उसने अब तक 18 सांडों को वश में किया है और शीर्ष पर उभरा है।
उसके बाद कार्थी और रंजीत आए जिन्होंने 16 और 9 सांडों को काबू में किया। बाला से पहले कार्थी ही पहले दौर में शीर्ष पर रहे थे। उसने आठवें राउंड में अनुकरणीय कौशल का प्रदर्शन करते हुए उसे पकड़ लिया, जिसने उन्हें शीर्ष पर पहुंचा दिया। गौरतलब है कि इस प्रतियोगिता में सबसे अधिक संख्या में सांडों को वश में करने वाले व्यक्ति को विजेता के रूप में पुरस्कृत किया जाएगा। इस प्रतियोगिता में श्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले विजेताओं को पुरस्कार के रूप में एक कार, ट्रैक्टर और एक मोटरसाइकिल दी जाएगी। इसके अलावा सर्वश्रेष्ठ बैल और उसके मालिकों को भी पुरस्कृत किया जाएगा।
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