मथुरा , फरवरी 7 -- शिवसेना (यूबीटी) की राज्यसभा सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने रविवार को वृंदावन में बांके बिहारी मंदिर में दर्शन के बाद मीडिया से बातचीत में जमीयत उलेमा-ए-हिंद के प्रमुख मौलाना मदनी के कथित विवादित बयानों पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसे बयान ध्रुवीकरण की राजनीति को बढ़ावा देते हैं।
श्रीमती चतुर्वेदी ने कहा कि जब भी देश में बेरोजगारी, महंगाई या यूजीसी की नई गाइडलाइंस जैसे मुद्दों पर सरकार से जवाबदेही तय करने की मांग उठती है, तब इस प्रकार के बयान सामने आ जाते हैं। उनका आरोप था कि कुछ राजनीतिक शक्तियां मुख्य मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए विभाजनकारी भाषा का सहारा लेती हैं।
उन्होंने कहा कि भारत की पहचान उसकी समावेशी और लोकतांत्रिक परंपराओं से है। "वसुधैव कुटुंबकम् की भावना इस देश की मूल आत्मा है। जिस भूमि ने अनेक धर्मों और विचारों को साथ लेकर चलने की सीख दी है, वहां विभाजनकारी राजनीति की कोई जगह नहीं होनी चाहिए," उन्होंने कहा।
सांसद ने जनता से अपील की कि वे बुनियादी मुद्दों रोजगार, शिक्षा, महंगाई और सामाजिक न्याय पर केंद्रित रहें और भड़काऊ बयानबाजी से दूर रहें। उन्होंने कहा कि समावेशी भारत ही देश की वास्तविक शक्ति है।
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