मथुरा , मार्च 30 -- वृंदावन में यमुना नदी को स्वच्छ और सुव्यवस्थित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल शुरू की जा रही है। इसके तहत केसी घाट से देवरहा बाबा घाट तक ट्रायल प्रोजेक्ट के रूप में वैज्ञानिक अध्ययन कराया जाएगा। उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद के सभागार में परिषद के उपाध्यक्ष शैलजा कांत मिश्र की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में यमुना के दोनों किनारों की जियोलॉजिकल मैपिंग कराने का निर्णय लिया गया। इस अध्ययन के आधार पर यमुना जल को प्रदूषण मुक्त करने और जलमार्ग विकसित करने की योजना तैयार की जाएगी।
बैठक में ग्लोबल विकास ट्रस्ट के संस्थापक मयंक गांधी ने जल गुणवत्ता सुधार के लिए वैज्ञानिक आंकड़े एकत्र करने का प्रस्ताव प्रस्तुत किया। इसमें यमुना की वर्तमान स्थिति, सिल्ट, जल प्रवाह और प्रदूषण नियंत्रण के उपायों पर विस्तार से चर्चा हुई।
परिषद के उपाध्यक्ष ने प्रथम चरण में केसी घाट से देवरहा बाबा घाट तक ट्रायल प्रोजेक्ट शुरू करने के निर्देश दिए। चयनित क्षेत्र में पहले वैज्ञानिक अध्ययन कराया जाएगा, जिसके आधार पर आगे की कार्ययोजना लागू की जाएगी।
जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह ने सिंचाई सहित संबंधित विभागों को आवश्यक सहयोग और समन्वय के निर्देश दिए। बैठक में मथुरा-वृंदावन विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष एवं परिषद की मुख्य कार्यपालक अधिकारी लक्ष्मी एन सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और पर्यावरण विशेषज्ञ उपस्थित रहे।
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