मथुरा , मई 2 -- उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले के गोवर्धन क्षेत्र स्थित सुप्रसिद्ध ठाकुर श्री गिरिराज जी मुखारविन्द मंदिर (दसविसा) में सेवा-पूजा से जुड़े ठेकों में करोड़ों रुपये के कथित गबन का मामला सामने आया है। मंदिर प्रबंधन की शिकायत पर पुलिस ने नौ नामजद आरोपियों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

मंदिर प्रशासन के अनुसार दूध भोग, भेंट, गोलक तथा पूजा अधिकारों के लिए समय-समय पर नीलामी प्रक्रिया आयोजित की जाती है। आरोप है कि वर्ष 2024 एवं 2025 की विभिन्न अवधियों के लिए आरोपियों ने उच्चतम बोली लगाकर ठेके हासिल किए, लेकिन अनुबंध के अनुरूप पूरी धनराशि मंदिर के खाते में जमा नहीं की और आंशिक भुगतान कर शेष रकम हड़प ली।

प्रशासनिक सहायक एवं प्रबंधक बंशी लाल उर्फ बृजगोपाल शर्मा द्वारा दर्ज कराई गई प्राथमिकी में मुख्य आरोपियों का उल्लेख करते हुए बताया गया है कि मनोज शर्मा पर जुलाई-अगस्त 2025 के ठेके में 82.90 लाख रुपये बकाया रखने का आरोप है। प्रकाश उर्फ हरी पचौरी पर 73.91 लाख रुपये के गबन का आरोप है, जिनका दिया गया चेक बैंक में धनराशि के अभाव में अनादृत हो गया। दीपचन्द्र शर्मा पर दो अवधियों के ठेकों के कुल 40.36 लाख रुपये बकाया बताए गए हैं।

इसके अतिरिक्त एकलव्य शर्मा (33.51 लाख), बनवारी लाल शर्मा (33.20 लाख), पुष्पेन्द्र शर्मा (27.59 लाख), राजीव शर्मा (27.12 लाख), संजय शर्मा (14 लाख) तथा सुमित शर्मा (8.44 लाख रुपये) पर भी मंदिर की धनराशि हड़पने के आरोप लगाए गए हैं।

शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि सभी अभियुक्तों ने आपसी मिलीभगत से मंदिर प्रशासन के साथ विश्वासघात किया। कई बार नोटिस और तकादा किए जाने के बावजूद किसी ने बकाया राशि जमा नहीं की। यह भी कहा गया है कि कुछ आरोपी गिरफ्तारी से बचने के लिए फरार हैं और मंदिर की संपत्ति को नुकसान पहुंचाने का प्रयास कर रहे हैं।

पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की प्रासंगिक धाराओं में मामला दर्ज कर जांच उपनिरीक्षक मनोज कुमार को सौंपी है। पुलिस द्वारा संबंधित ठेकों के अभिलेखों और बैंक लेनदेन की जांच कर पूरे प्रकरण की कड़ियों को जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। धार्मिक स्थल से जुड़े कोष में कथित हेराफेरी सामने आने के बाद श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों में आक्रोश व्याप्त है।

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