मथुरा , जनवरी 15 -- झारखंड का जामताड़ा तो आपने सुना होगा, लेकिन कान्हा की नगरी मथुरा के कुछ गांव भी पिछले कुछ सालों से 'मिनी जामताड़ा' के ठप्पे से बदनाम हैं। अब इस बदनामी के दाग को धोने के लिए ग्रामीणों ने खुद कमर कस ली है।
गोवर्धन क्षेत्र के गांव दौलतपुर में हुई एक ऐतिहासिक महापंचायत ने पूरे इलाके में हलचल पैदा कर दी है। गांव के युवाओं से लेकर बुजुर्गों तक ने एक सुर में शपथ ली है कि वे न तो खुद साइबर अपराध करेंगे और न ही किसी को करने देंगे।
गोवर्धन थाना क्षेत्र का दौलतपुर गांव, जो ओएलएक्स फ्रॉड, सोशल साइट्स के जरिए ठगी और 'डिजिटल अरेस्ट' जैसे अपराधों के लिए पुलिस की रडार पर रहता है, वहां अब बदलाव की बयार चली है। पंचायत में यह स्वीकार किया गया कि गांव के अधिकांश युवा शॉर्टकट से पैसा कमाने के चक्कर में बैंक खाते खाली करने के काले धंधे में लिप्त हैं।
गांव की निगरानी के लिए 20 लोगों की एक विशेष समिति बनाई गई है।अगर कोई व्यक्ति साइबर क्राइम करता पाया गया, तो गांव की कमेटी उसे खुद पकड़कर पुलिस के हवाले करेगी। संदिग्ध गतिविधियों में शामिल लोगों के फोन और अवैध सिम कार्ड कमेटी तुरंत जब्त कर लेगी।गांव में किसी भी आपराधिक गतिविधि पर समिति की नजर रहेगी और यह समिति पुलिस के संपर्क में रहेगी।
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