पटना , दिसंबर 19 -- बिहार में डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग के मत्स्य प्रभाग की ओर से मत्स्य पालकों के लिए सामूहिक दुर्घटना बीमा योजना स्वीकृत की गई है।

बिहार सरकार की तरफ से मत्स्य पालन के जरिए सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने के लिए मुहिम चलाई जा रही है। मत्स्य प्रभाग की ओर से मत्स्य पालकों के लिए सामूहिक दुर्घटना बीमा योजना को स्वीकृत किया गया है। मत्स्य व्सवसाय कार्य में संलग्न, राज्य के मछुआ/मत्स्य पालकों को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने के लिये केन्द्र प्रायोजित सामूहिक दुर्घटना बीमा योजना लाई जा रही है। यह योजना राज्य के सभी जिलों में मत्स्य कार्य में संलग्न, मत्स्य कृषकों के लिए क्रियान्वित है।

इस बीमा योजना के तहत बीमा राशि का 60 प्रतिशत केन्द्र तथा 40 प्रतिशत राज्य सरकार वहन करेगी। इस योजना के तहत बीमित मत्स्यपालकों के से कोई भी प्रीमियम राशि नही ली जाएगी।इस योजनान्तर्गत निबंधित होने वाले "सक्रिय" मछुआ/मत्स्यपालकों का न्यूनतम उम्र 18 वर्ष तथा अधिकतम उम्र 70 वर्ष होना चाहिए। सामूहिक दुर्घटना बीमा योजना के तहत बीमित मत्स्यपालकों को किसी भी प्रकार की दुर्घटना में मृत्यु अथवा पूर्ण अपंगता की स्थिति में उनके आश्रित या उक्त बीमित व्यक्ति को पांच लाख रूपये की राशि भुगतान की जा रही है। इसके अलावा योजना के तहत किसी प्रकार की आकस्मिक दुर्घटना में स्थाई रूप से आंशिक अपंगता होने की स्थिति में उक्त बीमित मछुआरों को 2.50 लाख रूपये की राशि भुगतान की जा रही है, साथ ही किसी प्रकार आकस्मिक दुर्घटना में चिकित्सा के लिये बीमा कंपनी उक्त बीमित मत्स्यपालक को चिकित्सा व्यय के लिए 25 हजार रूपये की राशि नियमानुसार भुगतान करेगी।

आवेदन की प्रक्रिया ऑनलाइन शुरू हो चुकी है और सभी इच्छुक लाभार्थी 31 दिसंबर 2025 तक आवेदन कर सकते है।

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