देहरादून , दिसम्बर 30 -- उत्तराखंड में आगामी मतदाता सूची में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के लिए राज्य में चल रहे "बीएलओ आउटरीच अभियान" को आगामी 10 जनवरी तक बढ़ा दिया गया है।

प्रदेश में इन दिनों प्री-एसआईआर गतिविधियों के क्रम में प्रत्येक मतदाता तक पहुंच, समन्वय और संवाद स्थापित किया जा रहा है। इस अभियान के तहत वर्तमान मतदाताओं की 2003 की मतदाता सूची से मैपिंग की जा रही है। वर्तमान में प्री एसआईआर अभियान में लगभग 65 प्रतिशत मतदाताओं की 2003 की मतदाता सूची से मैपिंग भी कर दी गई है।

सहायक मुख्य निर्वाचन अधिकारी मस्तू दास ने मंगलवार को बताया कि चुनाव आयोग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के क्रम में मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. बीवीआरसी पुरुषोत्तम की पहल पर एक दिसंबर, 2025 से बीएलओ आउटरीच अभियान सम्पादित किया जा रहा है। इस अभियान में जुड़े ईआरओ, बीएलओ एवं फील्ड अधिकारी की अथक मेहनत से बेहद सीमित समय में ही लगभग 65 प्रतिशत मतदाताओं की मैपिंग की जा चुकी है। मतदाताओं की सुविधा को देखते हुए इस अभियान को 10 जनवरी तक चलाने का निर्णय लिया गया है। उन्होंने बताया कि प्री-एसआईआर फेज में वर्तमान मतदाता सूची में प्रदेश के जिन मतदाताओं की उम्र 38 वर्ष या उससे अधिक है और उनके नाम 2003 की मतदाता सूची में दर्ज हैं उनकी सीधे बीएलओ ऐप से मैपिंग की जा रही है। इसके साथ ही प्रदेश के ऐसे मतदाता जो जिनके नाम 2003 की मतदाता सूची में किसी कारणवश नहीं हैं और उनके माता-पिता का नाम 2003 की मतदाता सूची में है तो उनके माता-पिता अथवा दादा-दादी के नाम के आधार पर उनकी प्रोजनी के रुप में ऐसे मतदाताओं की मैपिंग की जा रही है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2003 की मतदाता सूची डब्ल्यूडब्ल्यूडब्ल्यूडॉटसीईओडॉटयूकेडॉटजीओवीडॉटआईएन एवं डब्ल्यूडब्ल्यूडब्ल्यूडॉटवोटर्सेडॉटईसीआईडॉटजीओवीडॉटआईएन पर सर्च की जा सकती है।

सहायक मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने जन सामान्य से बीएलओ को अपेक्षित जानकारी उपलब्ध कराने की अपील की है। उन्होनें कहा कि प्रत्येक मतदाता के मताधिकार की सुरक्षा के लिए बीएलओ द्वारा हर मतदाता से समन्वय,संवाद और पंहुच सुनिश्चित की जा रही है।

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