इंफाल , मार्च 08 -- अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर मणिपुर के मुख्यमंत्री वाई खेमचंद सिंह ने राज्य की उन 3.5 लाख महिलाओं के कल्याण के लिए 350 करोड़ रुपये की सहायता राशि की घोषणा की है, जो हालिया अशांति से प्रभावित हुई हैं।
सिटी कन्वेंशन हॉल में आयोजित 'सभी महिलाओं और लड़कियों के लिए अधिकार, न्याय और कार्रवाई' विषय पर आधारित कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने बताया कि इस विशेष ग्रीष्मकालीन राहत का प्रावधान बजट 2026-27 में किया गया है, ताकि प्रभावित परिवारों की आर्थिक कठिनाइयों को कम किया जा सके और महिलाओं की आजीविका को सशक्त बनाया जा सके।
मुख्यमंत्री ने मणिपुर की राजनीति, अर्थव्यवस्था और शांति बहाली में महिलाओं की केंद्रीय भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि राज्य की प्रगति 'नारी शक्ति' के बिना अधूरी है।
उन्होंने भावुक होते हुए उम्मीद जतायी कि इस अभूतपूर्व संकट के कारण विस्थापित हुए लोग अब जल्द ही अपने घरों को लौट सकेंगे।
मणिपुरी महिलाओं के साहस का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि यहां की महिलाएं सब्जी बेचकर या हथकरघा के माध्यम से भी अपने बच्चों को सफल बनाने का सामर्थ्य रखती हैं।
कार्यक्रम के दौरान विधायक सागोलशेम केबी देवी ने महिलाओं को संवैधानिक अधिकारों और सरकारी योजनाओं के प्रति जागरूक होने का आह्वान किया।
इस अवसर पर 'मिशन शक्ति' पर एक दृश्य-श्रव्य प्रस्तुति भी दी गयी, जो महिलाओं की सुरक्षा और आर्थिक सशक्तीकरण पर केंद्रित है।
मुख्यमंत्री ने इस मौके पर पद्मश्री विजेता भारोत्तोलक नमेइराकपम कुंजरानी देवी और प्रसिद्ध लोक गायिका मंगका मयंगलाम्बम को सम्मानित भी किया।
मणिपुर राज्य महिला आयोग आयोजित कार्यक्रम में विधायक डॉ. एसएस ओलिश ने महिलाओं से समाज में अपनी जिम्मेदारी समझने और आपसी मतभेदों को संवाद के जरिये सुलझाने की अपील की। उन्होंने महिलाओं के बीच एकजुटता पर जोर देते हुए कहा कि मणिपुर की महिलाओं का अनुकरणीय चरित्र पूरे विश्व के लिए मिसाल होना चाहिए।
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