इम्फाल , मार्च 20 -- विश्व मैतेई परिषद ने मणिपुर के मुख्य राजमार्गों-इम्फाल-माओ (एनएच-2), इम्फाल-जिरीबाम (एनएच-37) और इम्फाल-उखरुल (एनएच-202)-पर जारी नाकाबंदी को लेकर केंद्र और राज्य सरकार की कथित निष्क्रियता पर गहरी चिंता व्यक्त की है।

परिषद के महासचिव यमबेम अरुण ने आरोप लगाया कि 3 मई 2023 से सशस्त्र कुकी समूहों द्वारा इन जीवनरेखा मार्गों को अवरुद्ध किया गया है, जिससे मैतेई और नागा समुदायों की आवाजाही पूरी तरह बाधित हो गई है। संगठन ने केंद्रीय सुरक्षा बलों की भूमिका पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि उनकी कथित "मौन सहमति" के कारण नागरिकों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

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