इम्फाल , फरवरी 02 -- मणिपुर के अधिकतर राजग विधायक वर्तमान में केंद्रीय नेताओं से मिलने और राज्य में लोकप्रिय सरकार के संभावित गठन पर चर्चा करने के लिए राष्ट्रीय राजधानी में मौजूद हैं।

मणिपुर में राष्ट्रपति शासन का एक वर्ष 13 फरवरी को पूरा हो जायेगा। अब और किसी विस्तार के लिए न सिर्फ आपातकाल की घोषणा करनी होगी, बल्कि चुनाव आयोग को यह घोषणा करनी पड़ेगी कि राज्य में चुनाव कराना संभव नहीं है।

कुछ भाजपा विधायकों ने संकेत दिया है कि सोमवार देर शाम राष्ट्रीय राजधानी में एक बैठक आयोजित की जायेगी। पूर्व मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह और मणिपुर भाजपा अध्यक्ष अधिकारीमयुम शारदा देवी, मणिपुर विधानसभा के अध्यक्ष सत्यब्रत, नेशनल पीपुल्स पार्टी (एनपीपी) और नागा पीपुल्स फ्रंट (एनपीएफ) के नेता तथा गठबंधन के दो अन्य घटक दल के बैठक में भाग लेने की उम्मीद है।

शारदा देवी ने बताया कि बैठक के एजेंडे में सरकार गठन पर चर्चा रहेगी। 60 सदस्यीय मणिपुर विधानसभा में भाजपा के पास 37 सीटें हैं। एनपीपी के पास छह और एनपीएफ के पास पांच सीटें हैं, साथ में तीन निर्दलीय विधायक भी गठबंधन का समर्थन कर रहे हैं। एक भाजपा नेता ने ध्यान दिलाया कि सरकार बनाने में संख्या कोई मुद्दा नहीं है।

भाजपा नेता के अनुसार तीन निर्दलीय विधायक भी गठबंधन का समर्थन कर रहे हैं। संख्या कोई समस्या नहीं है। वर्तमान विधानसभा का कार्यकाल मार्च 2027 में समाप्त होगा।

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