अमृतसर , मार्च 21 -- शिरोमणि अकाली दल के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया ने शनिवार को अमृतसर वेयरहाउस कॉर्पोरेशन के जिला प्रबंधक डॉ. गगनदीप रंधावा की आत्महत्या को लेकर मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली सरकार पर तीखा हमला बोला।

श्री मजीठिया ने यहां संवाददाताओं से कहा कि सरकार इस मामले में केवल "नाटक" कर रही है और भुल्लर का इस्तीफा महज एक दिखावा है। उन्होंने अंदेशा जताया कि मंत्री को कुछ ही दिनों में 'क्लीन चिट' दे दी जाएगी। यदि सरकार न्याय के प्रति गंभीर है, तो उसे धारा 302 के तहत हत्या का मामला दर्ज करना चाहिए और मंत्री को तुरंत हिरासत में लेना चाहिए। उन्होंने इसे सरकार द्वारा मामले को दबाने की कोशिश करार दिया और कैबिनेट मंत्री लालजीत सिंह भुल्लर की तत्काल गिरफ्तारी एवं मामले की सीबीआई जांच की मांग की।

उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने मामले को दबाने के लिए जानबूझकर मुख्य सचिव के.ए.पी. सिन्हा को जांच सौंपी है। उन्होंने दावा किया कि कार्यवाहक डीजीपी गौरव यादव और मुख्य सचिव मुख्यमंत्री भगवंत मान और आप संयोजक अरविंद केजरीवाल की "कठपुतली" के रूप में काम कर रहे हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि अमृतसर के एक पुलिस अधिकारी पीड़ित परिवार पर दबाव बना रहे हैं कि वे अपने बयानों में आत्महत्या का उल्लेख न करें, वरना उनके बच्चों को सरकारी नौकरी नहीं मिलेगी।

श्री मजीठिया ने डॉ. गगनदीप रंधावा को एक ईमानदार और उच्च शिक्षित अधिकारी बताया। उन्होंने मृतक के आखिरी वीडियो का हवाला देते हुए आरोप लगाया कि डॉ. रंधावा पर भारतीय खाद्य निगम के टेंडर मंत्री के पिता सुखदेव सिंह भुल्लर के नाम पर आवंटित करने के लिए लगातार दबाव बनाया जा रहा था। परिवार के दावों का हवाला देते हुए मजीठिया ने कहा कि 13 मार्च को डॉ. रंधावा को मंत्री के आवास पर बुलाया गया, जहाँ उनके साथ मारपीट की गई, उन्हें निर्वस्त्र किया गया और बंदूक की नोक पर एक वीडियो रिकॉर्ड करने के लिए मजबूर किया गया, जिसमें उनसे रिश्वत लेने की झूठी बात कबूलवाई गई।

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