पुणे , मार्च 27 -- महाराष्ट्र में पुणे की एक विशेष अदालत ने शुक्रवार को महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम (मकोका) के तहत दर्ज हत्या के मामले में मुख्य आरोपी सिद्धांत उर्फ सोन्या राजेंद्र लांडगे की जमानत याचिका खारिज कर दी।
अतिरिक्त विशेष न्यायाधीश किशोर एन. शिंदे ने अपने आदेश में कहा, "जमानत याचिका खारिज की जाती है।"अभियोजन पक्ष के अनुसार नवंबर 2025 में मुख्य आरोपी ने नितिन गिलबिले का एक कार में अपहरण किया था और बाद में एक अज्ञात स्थान पर गोली मारकर उसकी हत्या कर दी थी। बचाव पक्ष ने तर्क दिया कि लांडगे को झूठा फंसाया गया है और आरोपों के समर्थन में कोई प्रत्यक्ष प्रमाण नहीं है। यह भी तर्क दिया गया कि प्रासंगिक कानूनी प्रावधानों के तहत शरण देने का अपराध जमानती है।
अभियोजन पक्ष की ओर से अधिवक्ता शिवम निंबालकर ने जमानत याचिका का कड़ा विरोध करते हुए कहा कि यह अपराध मकोका की धारा 3(3) के तहत आता है, जिसमें आजीवन कारावास सहित गंभीर सजा का प्रावधान है। अभियोजन पक्ष ने होटलों के सीसीटीवी फुटेज और हमलावरों को भागने में मदद करने के लिए अपने स्वयं के वाहन के कथित उपयोग की ओर भी इशारा किया। अदालत ने पाया कि आवेदक के खिलाफ पर्याप्त प्रत्यक्ष साक्ष्य मौजूद हैं, जिसमें मकोका प्रावधानों के तहत उसका इकबालिया बयान भी शामिल है। अदालत ने उल्लेख किया कि जांच अभी भी जारी है और अभी तक आरोप पत्र दाखिल नहीं किया गया है।
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