मऊ , मई 01 -- श्रम दिवस के अवसर पर उत्तर प्रदेश के मऊ जनपद कलेक्ट्रेट परिसर में अखिल भारतीय मध्याह्न भोजन रसोइया महासंघ एवं आंगनबाड़ी संयुक्त मोर्चा के बैनर तले सैकड़ों रसोइयों और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान उन्होंने जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपा।

मध्याह्न भोजन रसोइया महासंघ के नेता सुरेंद्र नाथ गौतम ने बताया कि एक दिवसीय धरना श्रमिकों की समस्याओं को लेकर आयोजित किया गया है। उन्होंने कहा कि विद्यालयों में छात्र संख्या कम होने के लिए रसोइयों को जिम्मेदार ठहराना उचित नहीं है, इसलिए छात्र संख्या के आधार पर उन्हें कार्यमुक्त न किया जाए। साथ ही नियुक्ति नियमों में संशोधन कर छात्र संख्या और पाल्य बच्चों की अनिवार्यता समाप्त करने की मांग की गई।

रसोइयों ने वर्तमान में मात्र 2000 रुपये मासिक मानदेय को अपर्याप्त बताते हुए राज्य वेतन नियमावली के तहत न्यूनतम वेतन लागू करने की मांग उठाई। उन्होंने पूरे शैक्षणिक सत्र में कार्य करने के बावजूद केवल 10 माह का मानदेय दिए जाने पर नाराजगी जताते हुए 12 माह का भुगतान सुनिश्चित करने की मांग की। इसके अलावा मिड-डे मील के अतिरिक्त अन्य कार्य कराए जाने पर आपत्ति जताते हुए इसे बंद करने, 10 दिन का आकस्मिक अवकाश और महिला कर्मियों के लिए विशेष अवकाश देने की मांग भी रखी गई।

वहीं आंगनबाड़ी संयुक्त मोर्चा के बैनर तले कार्यकर्ताओं ने भी प्रदर्शन कर अपनी मांगों को लेकर आवाज उठाई। उन्होंने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को पूर्णकालिक सरकारी कर्मचारी का दर्जा देने, वेतनमान, भविष्य निधि, पेंशन, ग्रेच्युटी, महंगाई भत्ता और सवेतन चिकित्सा अवकाश सहित सभी वैधानिक सुविधाएं प्रदान करने की मांग की।

प्रदर्शनकारियों ने सेवानिवृत्ति की आयु 65 वर्ष करने और कोरोना काल से अब तक सेवानिवृत्त हुई कार्यकर्ताओं को पेंशन व ग्रेच्युटी का लाभ देने की भी मांग उठाई। साथ ही पदोन्नति व्यवस्था में सुधार करते हुए योग्यता व वरिष्ठता के आधार पर समयबद्ध पदोन्नति तथा आयु सीमा की बाध्यता समाप्त करने की मांग भी की गई।

प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में रसोइया व आंगनबाड़ी कार्यकर्ता मौजूद रहीं और अपनी मांगों के समर्थन में नारेबाजी की।

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