भोपाल , दिसंबर 16 -- मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को मंत्रालय में मंत्रि-परिषद की बैठक वंदे मातरम गान के साथ प्रारंभ हुई। बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। मंत्रि-परिषद ने अनूपपुर, मंडला और डिंडोरी जिलों की अपर नर्मदा, राघवपुर बहुउद्देशीय और बसानिया बहुउद्देशीय परियोजनाओं से प्रभावित डूब क्षेत्र के परिवारों के लिए 1,782 करोड़ रुपये के विशेष पैकेज को स्वीकृति प्रदान की।
इन परियोजनाओं के लिए डीपीआर में पहले से प्रावधानित 1,656 करोड़ 2 लाख रुपये के अतिरिक्त यह विशेष पैकेज मंजूर किया गया है। तीनों परियोजनाओं की कुल लागत 5,512 करोड़ 11 लाख रुपये है, जिनसे 71 हजार 967 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा तथा 125 मेगावाट विद्युत उत्पादन का प्रावधान है। परियोजनाओं से कुल 13 हजार 873 परिवार प्रभावित होंगे, जिन्हें विशेष पैकेज के तहत प्रति परिवार 12.50 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाएगा। इसके अतिरिक्त 50 हजार अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति परिवारों को अतिरिक्त मुआवजा राशि देय होगी।
मंत्रि-परिषद ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए मुख्यमंत्री ग्राम सड़क एवं अवसंरचना योजना के अंतर्गत 10 लाख रुपये या उससे अधिक लागत वाले कार्यों की स्वीकृति देने की अनुमति भी प्रदान की। इसके तहत 693 करोड़ 76 लाख रुपये की लागत से लगभग 3,810 कार्य पूरे किए जा सकेंगे।
बैठक में भोपाल एवं इंदौर मेट्रो रेल परियोजना के संचालन और रखरखाव के लिए वर्ष 2025-26 हेतु 90 करोड़ 67 लाख रुपये की बजट स्वीकृति राजस्व मद में प्रदान की गई।
मंत्रि-परिषद ने मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना को वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक निरंतर जारी रखने और इसके लिए 905 करोड़ 25 लाख रुपये के व्यय को भी मंजूरी दी। योजना के अंतर्गत प्रदेश के 18 से 45 वर्ष आयु वर्ग के स्थानीय युवाओं को स्वरोजगार के लिए 50 हजार से 50 लाख रुपये तक का ऋण उपलब्ध कराया जाता है, जिस पर शासन द्वारा 3 प्रतिशत वार्षिक ब्याज अनुदान और सात वर्ष तक ऋण गारंटी शुल्क का अनुदान दिया जाता है।
इसके अलावा वित्तीय वर्ष 2025-26 से 2029-30 तक प्रदेश में छह वन विज्ञान केंद्रों की स्थापना के लिए 48 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई। इन केंद्रों का उद्देश्य वानिकी विस्तार, वन भूमि की उत्पादकता बढ़ाना, कृषि वानिकी को प्रोत्साहन देना और काष्ठ आधारित अतिरिक्त आय के साधनों के प्रति जागरूकता बढ़ाना है।
मंत्रि-परिषद ने राज्य शासन के विभिन्न विभागों में स्वीकृत अस्थायी पदों को स्थायी पदों में परिवर्तित करने के लिए सेवा भर्ती नियमों में आवश्यक प्रावधान करने की भी स्वीकृति प्रदान की। साथ ही कार्यभारित और आकस्मिक स्थापना के सभी पदों को सांख्येतर घोषित करते हुए इन पर नवीन नियुक्ति न करने का निर्णय लिया गया।
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