जौनपुर , मार्च 7 -- उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले की मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अदालत ने बक्सा थाना क्षेत्र के मंगेश यादव की सुल्तानपुर में हुई पुलिस मुठभेड़ में मौत के मामले में पुलिसकर्मियों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज करने की मांग वाली याचिका शनिवार को खारिज कर दी।

आधिकारिक सूत्रों के अनुसार बक्सा थाना क्षेत्र के आगरौरा गांव निवासी शीला देवी ने आरोप लगाया था कि 2 सितंबर 2024 को उनके पुत्र मंगेश यादव को स्थानीय पुलिस पूछताछ के लिए पकड़कर ले गई थी। इसके बाद सुल्तानपुर में पुलिस अधीक्षक सुल्तानपुर तथा वर्तमान डीआईजी अयोध्या सोमेन वर्मा और एसटीएफ के अधिकारी डी.के. शाही की टीम ने कथित फर्जी मुठभेड़ में उसकी हत्या कर दी।

उन्होंने आरोप लगाया था कि 5 सितंबर को उन्हें सूचना दी गई कि सुल्तानपुर पोस्टमार्टम हाउस पहुंचकर अपने बेटे का शव ले जाएं। न्यायालय ने प्रार्थना पत्र पर संज्ञान लेते हुए इस मामले में आईजी अयोध्या से जांच रिपोर्ट तलब की थी। इससे पहले सुल्तानपुर के उप जिलाधिकारी द्वारा कराई गई मजिस्ट्रियल जांच में भी संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ कोई साक्ष्य नहीं पाया गया था।

उपलब्ध जांच रिपोर्टों के आधार पर न्यायालय ने उत्तर प्रदेश पुलिस और एसटीएफ टीम के विरुद्ध किसी प्रकार का ठोस साक्ष्य न मिलने पर मुकदमा दर्ज करने की याचिका को खारिज कर दिया। इस मामले में उत्तर प्रदेश पुलिस और एसटीएफ की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता कमलेश शुक्ला ने पैरवी की।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित