उज्जैन , दिसंबर 20 -- खगोलीय घटना के अंतर्गत 22 दिसंबर वर्ष का सबसे छोटा दिन होगा।

उज्जैन स्थित शासकीय जीवाजी वेधशाला के अधीक्षक डॉ राजेंद्र प्रकाश गुप्त ने बताया कि सूर्य के चारों ओर पृथ्वी के परिभ्रमण के कारण 22 दिसंबर को सूर्य मकर रेखा पर लंबवत होगा। इसी दिन सूर्य की क्रांति 23 अंश 26 कला 15 विकला दक्षिण होगी। जिससे भारत सहित उत्तरी गोलार्ध में स्थित देश में सबसे छोटा दिन तथा सबसे बड़ी रात होगी।

उन्होंने बताया कि 22 दिसंबर को सूर्य सायन मकर राशि में प्रवेश करेगा एवं सूर्य की स्थिति मकर राशि में 0 अंश 39 कला एवं 20 विकला होगी। 22 दिसंबर के बाद सूर्य की गति उत्तर की ओर दृष्टिगोचर होना प्रारंभ हो जाती है। जिससे सायन उत्तरायण का प्रारंभ कहते हैं। सूर्य की उत्तर की ओर गति होने के कारण अब उत्तरी गोलार्ध में दिन धीरे-धीरे बड़े होने लगेंगे तथा रात छोटी होने लगेगी। आगामी 21 मार्च सूर्य विषुवत रेखा पर लंबवत होगा तब दिन रात बराबर होंगे।

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