जयपुर , मार्च 06 -- राजस्थान विधानसभा में पशुपालन मंत्री जोराराम कुमावत ने शुक्रवार को कहा कि विभाग भ्रष्टाचार के विरुद्ध जीरो टॉलरेंस कीनीति पर काम करते हुए भ्रष्टाचार में लिप्त कार्मिक के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई कर रहा है और भ्रष्टाचार के एक भी प्रकरण में विभागीय स्तर पर अभियोजन स्वीकृति की कारवाई लंबित नहीं है।
श्री कुमावत कांग्रेस विधायक गोविंद सिंह डोटासरा द्वारा लाए गए ध्यानाकर्षण प्रस्ताव का जवाब दे रहे थे। उन्होंने बताया कि गत वर्ष भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो द्वारा सीकर जिले में विभाग के तत्कालीन संयुक्त निदेशक डॉ दीपक अग्रवाल के विरुद्ध कार्रवाई के उपरांत विभाग द्वारा इस कार्मिक के निलंबन, 16 सीसीए के तहत नोटिस तथा चार्जशीट एवं विभागीय स्तर पर अभियोजन स्वीकृति देने की कार्रवाई की जा चुकी है। साथ ही कार्मिक का मुख्यालय निदेशालय जयपुर किया गया है ताकि वह किसी भी प्रकार से जांच को प्रभावित न कर सके।
उन्होंने बताया कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान 39 पशु चिकित्सकों एवं 93 अधीनस्थ कार्मिकों को विभाग द्वारा सीमावर्ती जिलों गंगानगर, बीकानेर, जैसलमेर तथा बाड़मेर में स्थानांतरित किया गया। इन जिलों में से बीकानेर में 35.56, गंगानगर में 27.85, जैसलमेर में 27.24 एवं बाड़मेर में 26 प्रतिशत से अधिक विभागीय रिक्तियां थी। पशुधन सुरक्षा, पशु चिकित्सा तथा प्रशासनिक दायित्वों के निर्वहन के लिए तत्कालीन परिस्थितियों में यह निर्णय लिया गया।
श्री कुमावत ने बताया कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान स्थानांतरित विभिन्न कार्मिकों के वाद प्रकरणों की न्यायालय में सुनवाई हो रही है। विभाग द्वारा इन प्रकरणों में न्यायालय के फैसलों की पूर्ण अनुपालना सुनिश्चित की जा रही है। न्यायालय द्वारा ज़ारी आदेशों की पालना में नौ पशु चिकित्सा अधिकारियों को उनके स्थानांतरण से पहले पदस्थापन वाले स्थानों पर भेजा जा चुकी है।
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