कुआलालंपुर , दिसंबर 26 -- मलेशिया के पूर्व प्रधानमंत्री नजीब रजाक को शुक्रवार को सत्ता के दुरुपयोग के चार मामलों में 15 साल जेल की सज़ा सुनाई गयी।

मलेशिया के उच्च न्यालायल ने उन पर 11.4 अरब रिंगिट (2.82 अरब अमेरिकी डॉलर) का जुर्माना भी लगाया है, जो आरोपों में शामिल रिश्वत की रकम का पांच गुना है।

श्री रजाक पर 1मलेशिया डेवलपमेंट बरहाद (1एमबीडी) से जुड़े एक मामले में सत्ता के दुरुपयोग करने का आरोप लगाया था। हवाला कारोबारह के 21 अतिरिक्त आरोपों के लिए श्री नजीब को हर आरोप के लिए पांच साल जेल की सज़ा सुनाई गयी है। हालांकि, इस मामले में उन पर कोई जुर्माना नहीं लगाया गया है।

पीठासीन न्यायाधीश कॉलिन लॉरेंस सेक्वेराह ने आदेश दिया कि जेल की सभी सज़ाएं एक साथ चलेंगी।

गौरतलब है कि जुलाई 2020 में नजीब को सरकारी निवेश कोष 1एमडीबी की पूर्व इकाई एसआरसी इंटरनेशनल से जुड़े सत्ता के दुरुपयोग के लिए 12 साल जेल की सज़ा और 2100 लाख रिंगिट (444 लाख अमेरिकी डॉलर) का जुर्माना लगाया गया था।

गत वर्ष फरवरी में श्री नजीब की सज़ा 12 साल से घटाकर छह साल कर दी गई थी, और जुर्माना राशि घटाकर 500 लाख रिंगिट (106 लाख डॉलर) कर दिया गया था।

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