पटना , जनवरी 15 -- बिहार में मसौढ़ी अंचल कार्यालय में पदस्थापित तत्कालीन राजस्व कर्मचारी राजा कुमार को भ्रष्टाचार के गंभीर आरोपों में दोषी पाए जाने पर सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है।
पटना के जिलाधिकारी डॉ. त्यागराजन एस.एम. ने बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के तहत यह कार्रवाई की है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार राजा कुमार को 23 दिसंबर 2025 को मसौढ़ी प्रखंड कार्यालय परिसर से निगरानी विभाग की धावा दल द्वारा परिमार्जन आवेदनों के निष्पादन के एवज में एक लाख रुपए के मांग के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। विभागीय जांच में यह पाया गया कि उन्होंने जानबूझकर आवेदन लंबित रखे और स्पष्टीकरण एवं अनुशासनिक कार्यवाही में भी कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया।
अपर समाहर्ता-सह-संचालन पदाधिकारी, पटना की जांच रिपोर्ट में सभी आरोप पूर्णतः प्रमाणित पाए गए। जांच निष्कर्षों एवं जनहित को ध्यान में रखते हुए सक्षम प्राधिकार ने उन्हें सेवा में बनाए रखना लोकहित के प्रतिकूल मानते हुए बर्खास्तगी का आदेश जारी किया।
बिहार के उपमुख्यमंत्री और राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने इस संबंध में सख्त संदेश देते हुए कहा कि जो भी अधिकारी या कर्मचारी आम जनों को परेशान करेगा और भ्रष्टाचार जैसे अपराध में संलिप्त पाया जाएगा, उसे किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि राजस्व विभाग में रिश्वतखोरी बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सरकार भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है।
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