श्रीगंगानगर , दिसम्बर 18 -- राजस्थान में श्रीगंगानगर जिले के समेजा कोठी थाना क्षेत्र में पाकिस्तान सीमा के निकट भोमपुरा गांव स्थित एक गौशाला में समुचित देखभाल और फंगसयुक्त चारे के कारण 100 से अधिक गायों की मौत हो जाने से स्थानीय लोगों, गौ प्रेमियों और राजनीतिक दलों में आक्रोश व्याप्त है।
प्रशासन और पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए गुरुवार को मामला दर्ज करके जांच समिति गठित कर दी।
कल देर शाम इस गौशाला में बड़ी संख्या में गायों की मौत का मामला सामने आने के बाद स्थानीय लोगों, विशेष रूप से गौ प्रेमियों में आक्रोश फैल गया। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए प्रशासन और पुलिस के अधिकारी तुरंत मौके पर पहुंचे। देर रात अनूपगढ़ से अतिरिक्त जिला कलेक्टर अशोक सांगवा ने गौशाला का दौरा किया।
उधर जैसे ही यह घटना सोशल मीडिया पर वायरल हुई, विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने राज्य सरकार पर कड़ी टिप्पणी की और पूरे मामले की गहन जांच करवाकर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। इस पर जयपुर में भी हलचल मच गई, जिसके फलस्वरूप श्रीगंगानगर जिले का प्रशासन और पुलिस पूरी रात सक्रिय रहा। आज तड़के पांच बजे प्रशासन और पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी में गौशाला के पीछे बड़ी-बड़ी खाइयों में फेंके गए मृत गोवंश का पोस्टमार्टम शुरू किया गया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, इन खाइयों में 100 से अधिक मृत गायें पाई गईं। नमूने के तौर पर पशु चिकित्सकों ने सिर्फ पांच मृत गायों का पोस्टमार्टम किया, जिसके बाद सभी गायों को मिट्टी डालकर दफना दिया गया। प्रारंभिक जांच में मौत का कारण समुचित देखभाल की कमी, गीला और फंगसयुक्त चारा खिलाना माना जा रहा है। गौशाला में चारों तरफ गंदगी फैली हुई पाई गई।
सुबह जोधपुर के जांबा कॉलोनी निवासी संत राजन प्रकाश साधु (36) अपने शिष्यों के साथ गौशाला पहुंचे। संत राजन प्रकाश ने कुछ समय पहले इसी गौशाला में एक कथा आयोजित की थी और कथा से प्राप्त चढ़ावा और अन्य आर्थिक सहयोग गौशाला प्रबंधन समिति को भेंट किया था। मृत गायों को देखकर उन्होंने गहरा आक्रोश व्यक्त किया और उपस्थित लोगों से कहा कि इतनी बड़ी संख्या में गौवंश की मौत के लिए जिम्मेदार प्रबंध समिति के अध्यक्ष पालाराम बिश्नोई और अन्य सदस्यों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।
संत राजन प्रकाश और गौ रक्षा दल के अध्यक्ष वीर सेन द्वारा रिपोर्ट दर्ज कराने पर समेजा कोठी थाने में अध्यक्ष पालाराम बिश्नोई, प्रबंधक सुनील कुमार एवं प्रबंधन समिति के अन्य पदाधिकारियों और सदस्यों के खिलाफ राजस्थान गौवंशीय अधिनियम 1995 की धारा तीन और आठ के तहत मामला दर्ज कर लिया गया। जांच खुद थाना प्रभारी पुलिस निरीक्षक कृष्ण कुमार करेंगे।
कांग्रेस विधायक एवं नवनियुक्त कांग्रेस जिला अध्यक्ष रुपिंदरसिंह रूबी भी कई कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ गौशाला पहुंचे। उन्होंने गौशाला का निरीक्षण करने के बाद कहा कि इतनी बड़ी संख्या में गौवंश की मौत के लिए प्रबंध समिति के साथ-साथ जिला प्रशासन के अधिकारी भी दोषी हैं। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने पिछले वर्ष इस गौशाला को 45 लाख रुपये का अनुदान दिया था, लेकिन इसके बावजूद देखभाल की कमी रही। अधिकारियों ने दफ्तर में बैठकर ही निरीक्षण की खानापूर्ति की, जिससे अनुदान मिल गया। उन्होंने जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की मांग की और कहा कि वह इस मामले को राज्य विधानसभा में उठाएंगे।
गौशाला में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के जिला अध्यक्ष शरणपालसिंह मान और रायसिंहनगर से पूर्व भाजपा विधायक बलबीर लूथरा सहित कई भाजपा नेता भी पहुंचे। श्री मान ने कहा कि जिला प्रशासन ने जांच समिति गठित कर दी है और समिति जांच में जुट गई है। फिलहाल पहली प्राथमिकता बचे हुए गौवंश की समुचित देखभाल और इलाज करवाना है। जांच में दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
दोपहर को जिला कलेक्टर डॉक्टर मंजू भी गौशाला पहुंचीं। उन्होंने हालात का जायजा लिया और स्वीकार किया कि देखरेख की कमी से 70 से 80 गायों की मौत हुई है, जबकि स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि यह संख्या 100 से अधिक है। पिछले कई दिनों से गौशाला में गायों की मौत हो रही थी और मृत गायों को पीछे की खाइयों में फेंक दिया जाता था।
जिला कलेक्टर ने कल देर रात ही इस मामले की जांच के लिए एक समिति गठित कर दी, जिसका नेतृत्व अनूपगढ़ के अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट अशोक सांगवा करेंगे। कमेटी में रायसिंहनगर के उपखंड अधिकारी सुभाष चौधरी, तहसीलदार हर्षिता मिड्ढा और पशु पालन विभाग के अधिकारी शामिल हैं।
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